आज 11 मई है, कैलेंडर की ये तारीख भारत के इतिहास में किसी ‘सुपरपावर’ वाले टर्निंग पॉइंट से कम नहीं है. आज पूरा देश ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ (National Technology Day) मना रहा है. ये दिन हमारे उन वैज्ञानिकों, इंजीनियर्स और शोधकर्ताओं के नाम समर्पित है, जिनकी बदौलत आज भारत दुनिया की आंखों में आंखें डालकर बात करता है.
1998: जब ‘शक्ति’ से गूंज उठा था पोखरण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस खास मौके पर सभी देशवासियों को बधाई दी और 1998 के उन ऐतिहासिक पलों को याद किया, जब राजस्थान की तपती रेत के बीच भारत ने परमाणु परीक्षण कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था.
बता दें कि आज से ठीक 28 साल पहले, यानी 11 मई 1998 को भारत ने ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किए थे. पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों के उस जज्बे को याद करते हुए कहा कि वह पल हमारी वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था. प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ उन वैज्ञानिकों के कठिन परिश्रम को नमन किया, जिन्होंने पाबंदियों और चुनौतियों के बावजूद भारत को परमाणु संपन्न राष्ट्रों की कतार में खड़ा कर दिया.
सिर्फ रॉकेट-मिसाइल नहीं, अब हाथ में ‘स्मार्ट’ इंडिया
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आज टेक्नोलॉजी सिर्फ रक्षा या लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि ये ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सबसे मजबूत स्तंभ बन गई है. आज हम एआई (AI), अंतरिक्ष अनुसंधान, डिफेंस, ग्रीन टेक्नोलॉजी और डिजिटल सॉल्यूशंस में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं.
Greetings on National Technology Day. We recall with pride the hard work and dedication of our scientists, which led to the successful tests in Pokhran in 1998. That landmark moment reflected India’s scientific excellence and unwavering commitment.
Technology has become a key…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
बता दें कि आज से कुछ साल पहले तक क्या हमने सोचा था कि गांव के किसी छोटे से कोने में बैठा व्यक्ति अपने मोबाइल से डिजिटल पेमेंट करेगा या घर बैठे सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाएगा? ये सब मुमकिन हुआ है हमारे वैज्ञानिकों के नवाचार (Innovation) से. पीएम का विजन साफ है, अनुसंधान (Research) को बढ़ावा देना और ऐसी प्रतिभाओं को सशक्त बनाना जो देश की समस्याओं का समाधान घर में ही तैयार कर सकें.
क्यों मनाया जाता है नेशनल टेक्नोलॉजी डे?
अगर आप सोच रहे हैं कि 11 मई ही क्यों? तो इसका जवाब भारत की स्वाभिमान यात्रा में छिपा है. 11 मई 1998 को भारत ने पोखरण में परमाणु विस्फोट कर अपनी ताकत दिखाई थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वैज्ञानिकों के सम्मान में हर साल इस दिन को ‘प्रौद्योगिकी दिवस’ के रूप में मनाने का एलान किया था. तब से लेकर आज तक, हम हर साल अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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