नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) देहरादून ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैली अवैध दवा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया है. कार्रवाई में 5 लाख से अधिक ट्रामाडोल टैबलेट्स और 24 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट्स बरामद की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹20 करोड़ बताई गई है.
मुज़फ्फरनगर-बरेली में बनी फर्जी फर्में
जांच में खुलासा हुआ कि मुज़फ्फरनगर और बरेली में बनाई गईं दो फर्जी होलसेल फर्में – एम/एस एस.एम. एंटरप्राइजेज और एम/एस बालाजी – सिर्फ अवैध सप्लाई के मकसद से खोली गई थीं. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि एक दूधवाले ने महज ₹5,000 महीने में अपना ड्रग लाइसेंस किराए पर देकर लाखों टैबलेट्स की तस्करी का रास्ता खोल दिया.
गोदाम से हज़ारों टैबलेट्स जब्त
एनसीबी की छापेमारी में एक किराए के गोदाम से भारी मात्रा में ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम की खेप मिली, साथ ही रोड़ पर चेकिंग के दौरान एक Swift Dzire कार से भी 25,600 टैबलेट्स पकड़ी गईं. इसके अलावा सहारनपुर में एक व्यक्ति के पास से भी सैकड़ों टैबलेट्स बरामद की गईं.
फिलहाल एनसीबी इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है और लोकल एजेंसियों को सतर्क कर समन्वित कार्रवाई तेज़ कर दी गई है. हाल ही में अमृतसर और दिल्ली में भी करोड़ों की फार्मा ड्रग तस्करी के मामले सामने आए हैं, जो दिखाते हैं कि संगठित दवा माफिया किस तरह गहराई तक अपनी जड़ें फैला चुका है.
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भारत एक्सप्रेस
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