नीदरलैंड में राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है. 38 वर्षीय रॉब जेटन ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. राजा विलेम-अलेक्जेंडर ने उन्हें और उनके कैबिनेट को द हेग स्थित ह्यूस टेन बॉश पैलेस में शपथ दिलाई. यह चार साल में तीसरी बार है जब नया डच कैबिनेट बना है.
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने रॉब जेटन को बधाई देते हुए कहा मिस्टर रॉब जेटन को नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर बधाई. भारत और नीदरलैंड्स के बीच अलग-अलग सेक्टर में बहुत अच्छे रिश्ते हैं. मैं आपके साथ मिलकर काम करने और हमारे दोनों देशों और लोगों के बीच बढ़ते रिश्तों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं.
कैबिनेट कू शुरुआत
शपथ लेने के बाद कैबिनेट के सदस्य अपने-अपने मंत्रालयों में गए और जिम्मेदारी संभाली. परंपरा के अनुसार पुरुष सदस्य मॉर्निंग कोट पहनकर पहुंचे और बाद में ड्रेस बदल ली. शपथ ग्रहण के बाद राजा और मंत्रियों ने महल की सीढ़ियों पर सामुहिक फोटो भी खिंचवाई.
अल्पमत सरकार की चुनौती
जेटन तीन दलों के गठबंधन से बनी अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. 150 सीटों वाले सदन में उनके पास केवल 66 सीटें हैं ऐसे में किसी भी कानून को पास कराने के लिए उन्हें विपक्षी सांसदों के सहयोग लेना होगा. यह सरकार जनवरी 2026 में हुए गठबंधन समझौते के बाद बनी, जब चुनावी नतीजों के तीन महीने बाद पार्टियों ने मिलकर रास्ता साफ किया.
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डी66 पार्टी की भूमिका
रॉब जेटन लिबरल-प्रोगेसिव और यूरोप समर्थक डी66 पार्टी के नेता हैं. उन्होंने क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स और राइट-विंग वीवीडी के साथ मिलकर सरकार बनाई है. इस गठबंधन ने इस्लाम विरोधी गीर्ट वाइल्डर्स की फ्रीडम पार्टी को चुनौती दी. अक्टूबर के चुनाव में डी66 और पीवीवी दोनों ने 26 सीटें जीती थीं लेकिन बाद में पीवीवी के सात सांसद पार्टी छोड़ गए.
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-भारत एक्सप्रेस
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