वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फाइल फोटो)
New Income Tax Bill: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को लोकसभा में नया आयकर विधेयक पेश करने जा रही हैं. इस विधेयक में संसद की प्रवर समिति के द्वारा सुझाए गए सभी 285 संशोधन शामिल किए गए हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पिछले छह महीने की लंबी समीक्षा और मेहनत के बाद तैयार यह बिल करदाताओं के लिए कई अहम बदलाव लेकर आ रहा है.
भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय प्रवर समिति ने 13 फरवरी 2025 को पेश आयकर विधेयक 2025 की गहन जांच की थी और 21 जुलाई को अपनी रिपोर्ट लोकसभा में सौंपी थी. जिसमें प्रवर समिति ने 285 सुझाव दिए थे. सरकार ने इन सुझावों को लगभग पूरी तरह स्वीकार कर लिया है. नए विधेयक में कुछ तकनीकी संशोधन भी जोड़े गए हैं ताकि विधेयक का अर्थ स्पष्ट हो सके.
पुराने कानून का आधा आकार
नया विधेयक मौजूदा 1961 के आयकर अधिनियम की तुलना में आकार में करीब आधा है. इसका मकसद मुकदमों और जटिल व्याख्याओं को घटाकर कर प्रणाली को अधिक निश्चित बनाना है. मौजूदा अधिनियम के 5.12 लाख शब्दों के मुकाबले नए विधेयक में शब्दों की संख्या घटकर 2.6 लाख रह गई है. धाराएं भी 819 से घटकर 536 हो गई हैं.
1200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण को हटाया
नए आयकर विधेयक में सरलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी गई है. गैर-लाभकारी संगठनों के लिए अध्याय को आसान भाषा में विस्तृत किया गया है. छूट और टीडीएस/टीसीएस से जुड़े प्रावधानों को सारणी के रूप में पेश कर स्पष्टता बढ़ाई गई है. इससे शब्दों की संख्या में 34,547 की कमी आई है.
कर आकलन वर्ष की अवधारणा खत्म
करदाताओं के हित में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि “पिछला वर्ष” और “कर आकलन वर्ष” की अवधारणा को खत्म कर केवल “कर वर्ष” लागू किया गया है. अभी तक एक वर्ष में अर्जित आय पर अगले वर्ष कर चुकाना होता था, लेकिन नए प्रावधान में यह प्रणाली बदल जाएगी.
मानसून सत्र में आठ और नए बिल
आयकर विधेयक के अलावा मोदी सरकार मानसून सत्र में आठ नए विधेयक पेश करने वाली है. कई लंबित बिलों पर भी चर्चा होगी.
– भारत एक्सप्रेस
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