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राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई माओवादी द्वारा मगध जोन को पुनर्जीवित और मजबूत करने के प्रयासों से जुड़े मामले में एक और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला संगठन के दो शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी से संबंधित है.NIA ने पटना की विशेष अदालत में इस मामले आरसी 26/2023/एनआईए/डीएलआई में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है.
एजेंसी ने उत्तर बिहार मध्य जोनल कमेटी के जोनल कमेटी सदस्य बिहारी पासवान उर्फ राकेश उर्फ ऋषिकेश उर्फ मोहन को आईपीसी और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया है. वह इस मामले में गिरफ्तार और चार्जशीट किया गया चौथा आरोपी है.
NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि अगस्त 2024 में गिरफ्तार किए गए बिहारी पासवान को आईईडी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त था. अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने के लिए गैरकानूनी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था.
पिछले दिनों गिरफ्तार आरोपी प्रमोद मिश्रा पोलित ब्यूरो सदस्य के निर्देश पर बिहारी पासवान ने बेगूसराय खगड़िया क्षेत्र में सीपीआई माओवादी की उपस्थिति को मजबूत करने की साजिश रची थी. वह प्रमोद मिश्रा और अन्य नेताओं को लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराता था और प्रतिबंधित संगठन के लिए ईंट भट्ठा मालिकों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जबरन वसूली के जरिए धन जुटाने में भी संलिप्त था. बेगूसराय से गिरफ्तारी के दौरान एनआईए ने बिहारी पासवान के पास से मोबाइल फोन और सीपीआई माओवादी से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे.
यह मामला अगस्त 2023 में बिहार के गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र से सीपीआई माओवादी के दो शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था. उनके पास से नक्सली साहित्य, हस्तलिखित पत्र और सात मेमोरी कार्ड बरामद किए गए थे. इसके बाद एनआईए ने अक्टूबर 2023 में इस मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए तीन आरोपियों प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन दा उर्फ बनवारी जी उर्फ बीबी जी उर्फ बाबा, अनिल यादव उर्फ अंकुश उर्फ लवकुश और विनोद मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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