सीमा पार से सक्रिय आतंकियों की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ से जुड़ी जानकारी के आधार पर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को जम्मू में कई स्थानों पर छापेमारी की.
एनआईए की टीमों ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े नए मॉड्यूल और उनके ओवर ग्राउंड वर्कर्स के ठिकानों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया.
एजेंसी ने उन आतंक समर्थकों और कैडर्स के ठिकानों पर भी छापे मारे, जो इन संगठनों से जुड़े हैं. यह कार्रवाई उस मामले के तहत की गई, जो पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हुए आतंकी हमलों से जुड़ा है. इन हमलों को आतंकी संगठनों द्वारा भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के तहत अंजाम दिया गया था.
खुफिया जानकारियों के बाद की गई कार्रवाई
आज जम्मू जिले में कुल बारह स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें आतंकियों और उनके ओवर ग्राउंड वर्कर्स से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सामग्री जब्त की गई है. एनआईए की टीमें इस सामग्री की जांच कर रही हैं, जिससे आतंकी साजिश के पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके.
यह कार्रवाई एनआईए को मिली उन खुफिया जानकारियों के बाद की गई, जिनमें लश्कर और जैश के आतंकियों की अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के जरिए भारत में घुसपैठ की बात सामने आई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों को सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर्स और सहयोगियों से मदद मिली थी. ये संदिग्ध आतंकियों को रहने की जगह, भोजन, पैसे और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें दुर्गम रास्तों से सुरक्षित निकालने में भी मदद कर रहे थे.
खुफिया सूत्रों का मानना है कि ये आतंकी कठुआ, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी, पुंछ और कश्मीर घाटी जैसे इलाकों में पहुंच चुके हैं. एनआईए फिलहाल बरामद सामग्रियों की गहन जांच कर रही है, जिससे आतंकी नेटवर्क की साजिश को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके.
-भारत एक्सप्रेस
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