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इंजीनियर मौत पर नोएडा से लखनऊ तक एक्शन: चला सीएम योगी का ‘हंटर’, GNIDA में 3 दिन का अल्टीमेटम

Noida Engineer Death Case: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर सीएम योगी सख्त है. उनके निर्देश के बाद नोएडा सीईओ एम लोकेश को हटाया गया और SIT जांच के आदेश जारी किए गए. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुरू किया सुरक्षा अभियान

Noida Engineer Death CM Yogi CEO Lokesh M SIT Greater Noida Authority

Noida Engineer Death Case: समीर/नोएडा: नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (युवराज) की निर्माणाधीन साइट के गड्ढे में डूबकर हुई दर्दनाक मौत ने शासन से लेकर प्रशासन तक की नींद उड़ा दी है. इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. लापरवाही को अक्षम्य मानते हुए लखनऊ से सीधा आदेश जारी हुआ, जिसकी गाज नोएडा प्राधिकरण के सबसे बड़े अधिकारी पर गिरी है. सीएम के निर्देश पर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम. लोकेश को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है. इसके अलावा, एक जूनियर इंजीनियर को भी बर्खास्त कर दिया गया है.

SIT करेगी दूध का दूध, पानी का पानी (Noida CEO Lokesh M Removed)

सीएम योगी ने केवल अधिकारियों को हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि मामले की तह तक जाने के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी कर दिया है. यह कमेटी अगले 5 दिनों में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी. सरकार का संदेश साफ है कि जनहानि के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

48 घंटे बाद खुली नींद (Greater Noida Authority)

नोएडा में हुए हादसे के बाद पड़ोसी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) भी हरकत में आ गया है. घटना के 48 घंटे बाद प्राधिकरण ने ‘सेफ्टी ड्राइव’ शुरू की है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी अधिकारियों को एसी कमरों से निकलकर फील्ड में जाने का निर्देश दिया है.

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अधिकारियों 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. अधिकारियों को निर्माणाधीन साइट्स, खुले बेसमेंट, खतरनाक गड्ढे, और ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर उन्हें दुरुस्त करने के लिए महज 3 दिन का समय दिया गया है. अब सिर्फ काम करने से बात नहीं बनेगी. सभी वर्क सर्किल प्रभारियों को एक शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा कि उनके इलाके में कोई भी जानलेवा गड्ढा या ब्लैक स्पॉट नहीं बचा है.

सड़कों पर उतरी टीमें

ग्रेटर नोएडा के एसीईओ सुमित यादव और श्रीलक्ष्मी वीएस ने खुद 130 मीटर रोड और सेक्टर 2-3 का जायजा लिया. महाप्रबंधक ए.के. सिंह के नेतृत्व में टीमें सड़कों पर कैट्स आई, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट्स की जांच कर रही हैं. बिल्डरों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपनी साइट्स पर सुरक्षा के पूरे मानक अपनाएं, वरना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.



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