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नोएडा में मिला ‘अंतर्राष्ट्रीय पुलिस’ का दफ्तर, फर्जी वर्दी-आईडी और मुहर बरामद; संचालकों की डिग्री उड़ा देगी होश

Noida Fake Police Station: गाजियाबाद में फर्जी दूतावास के बाद अब नोएडा में फर्जी पुलिस स्टेशन का भांडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Fake police station in Noida

नोएडा में फर्जी पुलिस स्टेशन

Fake Police Station In Noida: गाजियााबाद के बाद नोएडा पुलिस ने एक फर्जी पुलिस ऑफिस का भंडाफोड़ किया है. यह ‘इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इंवेस्टिगेशन ब्यूरो’ के नाम से संचालित किया जा रहा था. इस ऑफिस में पुलिस जैसी वर्दी, लोगो और नाम का इस्तेमाल कर आम जनता को ठगने का गोरखधंधा चल रहा था. यहां से फर्जी कागजात के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह थाना गौतमबुद्धनगर के फेज-3 क्षेत्र में सेक्टर-70 में स्थापित किया गया था.

कैसे करते थे ठगी?

आरोपी खुद को अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का अधिकारी बताते थे और ‘वेरिफिकेशन’ या ‘जांच’ के नाम पर लोगों को डराकर और भ्रमित कर अवैध रूप से धन ऐंठते थे. वे अपनी वेबसाइट के माध्यम से लोगों से डोनेशन के रूप में पैसा लेते थे और विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट प्रदर्शित करते थे.

क्या-क्या बरामद हुआ?

  • – 9 मोबाइल फोन
  • – 17 फर्जी स्टांप/मोहर
  • – 6 चेकबुक
  • – 9 फर्जी ID कार्ड
  • – 6 एटीएम कार्ड
  • – मंत्रालयों से मान्यता प्राप्त फर्जी सर्टिफिकेट
  • – 4 बोर्ड (International Police के नाम से)
  • – 42,300 रुपये नगद
  • – फर्जी लेटरहेड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, सीपीयू और अन्य दस्तावेज

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6 आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विभाष चन्द्र अधिकारी, अराग्य अधिकारी, बाबुल चन्द्र मंडल, पिंटू पाल, समापद मल और आशीष कुमार शामिल हैं. सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं. इसमें से कुछ 12वीं पास है. 4 आरोपी 12वीं पास और एक बीए और एक एलएलबी पास है. पुलिस ने आरोपियों के नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है. पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है.

  • गैंग बनाकर आफिस किराए पर लेकर आम लोगों को भ्रमित करते थे.
  • पुलिस जैसा रंग, लोगो इस्तेमाल कर बोर्ड लगाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे थे.
  • लोगों को भ्रमित करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों फर्जी दस्तावेज दिखाते थे.
  • आम लोगों को धमकाने के लिए अपनी संस्था को इंटरनेशनल श्रेणी का बताते थे.
  • खुद का संबंध इंटरपोल, मनवाधिकार आयोग, युरेसिया पोल से बताते थे.
  • वेबसाईट www.intlpcrib.in के जरिए डोनेशन मांगा जाता था.

क्या बोले DCP?

डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि आरोपियों ने फर्जी तरीके से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का ऑफिस खोला था. पुलिस ने मौके 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डीसीपी ने कहा कि उन्होंने जाल बिछाने से पहले उसे तोड़ दिया है.

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गाजियाबाद कांड से मिलता-जुलता मामला

पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी ऑफिस करीब 2 महीने से चला रहे थे. वह खुद को अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का अधिकारी बताते थे. लोगों को वह ‘वेरिफिकेशन’ या ‘जांच’ के नाम पर अपने जाल में फंसाते थे. इसके बाद वह डराकर और भ्रमित कर अवैध वसूली करते थे. यह मामला गाजियाबाद के दूतावास कांड से मिलता-जुलता है.



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