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Noida: क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर कुख्यात बदमाश ने दो इंजीनियरों को किया अगवा, मांगी 10-10 लाख की रंगदारी, एनकाउंटर में पुलिस ने दबोचा

डीसीपी नोएडा हरीश चंदर ने मीडिया को जानकारी दी कि चेकिंग के दौरान पुलिस की कारसवार बदमाशों से मुठभेड़ हुई थी, इसमें दो बदमाश पकड़े गए हैं.

पुलिस के चंगुल में बदमाश- फोटो-ट्विटर

Noida: उत्तर प्रदेश के नोएडा से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर पहले दो इंजीनियरों को उठाया गया फिर 10 लाख की फिरौती मांगी गई. इस खबर के सामने आने के बाद नोएडा पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया. फिलहाल इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

सूत्रों के मुताबिक खुद को दिल्ली पुलिस में क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर नोएडा सेक्टर 6 से गुरुवार को दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों का अपहरण किया गया. जानकारी सामने आ रही है कि पुलिस ने जिसे गिरफ्तार किया है, वह कुख्यात बदमाश मनीष भंडारी है और हरियाणा के क्रांति गैंग का सदस्य है. गुरुवार के दिन दोनों इंजीनियरों को अगवा करने के बाद बदमाशों ने उनको कार में बंधक बना लिया और करीब तीन घंटे तक शहर की सड़कों पर ही घूमते रहे. बाद में दोनों से 10-10 लाख रुपये की रंगदारी मांग डाली.

शुक्रवार देर रात मनीष नोएडा आया था और इसी दौरान सेक्टर 15 डीएनडी मोड़ शनि मंदिर के पास पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हो गई. इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई और वह पकड़ा गया. इसके बाद उसके साथी बदमाश हरियाणा के जींद के रहने वाले आदर्श जाट को भी पुलिस ने घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि मनीष के खिलाफ हरियाणा, दिल्ली से लेकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कई संगीन धाराओं में कुल 24 मामले दर्ज हैं. बता दें कि गुरुवार को फेज-1 पुलिस ने अपहरण की वारदात के मामले में दोनों को गिरफ्तार किया है.

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इस तरह फंसाया इंजीनियर को

पुलिस के मुताबिक गुरुवार दोपहर को मनीष भंडारी सेक्टर 6 में सफेद एसयूवी से गया था और ऑफिस के नीचे खड़ा हो गया था. इसके बाद गार्ड से ऊपर काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर (सागर और जागृत) को बुलवाया. इसके बाद उसने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच से बताया और दोनों को लेकर वहां से निकल गया. उसके साथ दो बदमाश और थे. इस सम्बंध में इंजीनियरों ने पुलिस को बताया कि फर्जी क्राइम ब्रांच के अधिकारी बने बदमाशों ने दोनों को किसी भी मामले में फंसाने की बात कह कर डराया और फिर पिस्टल दिखाकर एनकाउंटर करने की धमकी दी. इसके बाद दोनों इंजीनियरों से रंगदारी मांगी. इस पर दोनों इंजीनियरों ने पैसे की व्यवस्था करने के लिए घर जाने के लिए छोड़ देने को कहा.

बदमाशों के चंगुल से छूटे इंजीनियर थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी बात बताई. वहीं दूसरी ओर दोनों इंजीनियरों के पास रंगदारी के लिए फोन के साथ ही मैसेज भी आया. इस सम्बंध में डीसीपी नोएडा हरीश चंदर ने मीडिया को जानकारी दी कि, चेकिंग के दौरान पुलिस की कारसवार बदमाशों से मुठभेड़ हुई थी, इसमें दो बदमाश पकड़े गए हैं. एक बदमाश मनीष उर्फ भंडारी है. उन्होंने बताया कि उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है. इसी के साथ कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है.

रंगदारी वसूलने का दिया गया था टारगेट

मनीष भंडारी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि दिल्ली में पंडित गैंग के नवीन उर्फ पंडित उर्फ डॉक्टर के साथ उसके पुरान सम्बंध है और वह नवीन ने ही उसे दोनों इंजीनियरों से रंगदारी वसूलने के लिए कहा था और इसी टारगेट को पूरा करने के लिए उसने इंजीनियरों को अगवा किया था. मनीष ने ये भी बताया कि इंजीनियरों का नाम, नंबर और अन्य जानकारियां भी नवीन ने ही उसे उपलब्ध करवाई थी. फिलहाल पुलिस अब मनीष से ये जानने की कोशिश कर रही है कि नवीन इंजीनियरों को कैसे जानता था और उसने इंजीनियरों को निशाना क्यों बनाया? वहीं पुलिस ने दोनों बदमाशों से एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस के साथ दो आईकार्ड भी बरामद किए हैं. पुलिस ने बताया कि, ये आईकार्ड दिल्ली क्राइम ब्रांच के नाम पर बने हैं.

गैंग के साथ देता था वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक, मनीष भंडारी मूल रूप से रोहतक के ब्राह्मणवास गांव का निवासी है. वह शुरू से ही हरियाणा के गैंगस्टर राजेश भारती के क्रांति गैंग से जुड़ा हुआ था. 2018 में दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ में राजेश भारती मारा गया था और इसके बाद मनीष को दूसरे गैंग का सहारा लेना पड़ा और वह बदरो गैंग से जुड़ गया और क्रांति गैंग की जिम्मेदारी सम्भाल ली. पुलिस ने बताया कि, इस गैंग के जरिए मनीष ने अपनी पहुंच जयपुर तक बना ली थी. पुलिस ने मीडिया को ये भी जानकारी दी कि, 2019 में जयपुर सेंट्रल जेल में एक हाईप्रोफाइल कैदी के मारने की साजिश में भी मनीष का नाम सामने आया था. उस वक्त वह वह हरियाणा की जेल में था और फिर बाद में जयपुर के सनी गैंग से भी उसका नाम जुड़ा. दिल्ली की नजफगढ़ पुलिस ने मनीष को जुलाई-2020 में पकड़ लिया था.

-भारत एक्सप्रेस



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