Noida Workers Protest
Noida Workers Protest: नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्राइवेट कर्मचारियों ने जमकर हिंसा और उत्पात मचाया. बढ़ती महंगाई के अनुपात में वेतन नहीं बढ़ने से नाराज नोएडा के अलग-अलग इंडस्ट्रियल एरिया के मजदूर और वेतनभोगी सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे. इनकी मांग है कि जितनी तेजी से महंगाई बढ़ रही है उस हिसाब से मिल रही सैलरी में खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. श्रमिक लगातार वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
मजदूरों का यह विरोध प्रदर्शन नोएडा फेज-2 में मौजूद होजरी कॉम्प्लेक्स से शुरू हुआ. यहां वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर फैक्ट्री के मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जो देखते ही देखते पूरे नोएडा में फैल गया. नोएडा फेज-2 और इकोटेक-3 के बाद अब नोएडा सेक्टर 62 और सेक्टर 15 के मजदूर भी सड़क पर उतर गए हैं.
यहां से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा में मजदूरों के इस प्रदर्शन के पीछे रिचा ग्लोबल को बताया जा रहा है. जिसकी एक यूनिट हरियाणा के फरीदाबाद में भी है. वहां के श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. हरियाणा सरकार के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने मजदूरों के वेतन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की. जिसके बाद नोएडा फेज-2 में मौजूद कर्मचारियों ने भी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गए.
Update –
नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारी अभी तक कई गाड़ियां जला चुके हैं !!प्रोटेस्ट की शुरुआत कई दिन पहले गुरुग्राम से हुई, फिर धीरे–धीरे नोएडा की ज्यादातर फैक्ट्रियों तक पहुंच गया। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें न्यूनतम सैलरी 18–20 हजार रुपए दी जाए। https://t.co/ecmuyCWrm8 pic.twitter.com/cUOvgtp1Cp
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 13, 2026
कर्मचारियों का कहना है कि हरियाणा सरकार के कहने पर इस कंपनी के टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 20 हजार और नॉन टेक्निकल स्टाफ का वेतन 15 हजार कर दिया गया, जब नोएडा के कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की बात की. तो उनका सिर्फ 361 रुपये ही वेतन बढ़ाया गया. जिसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा.
हर साल किराया बढ़ रहा, लेकिन वेतन नहीं
कर्मचारियों का कहना है कि इस समय महंगाई ने कमर तोड़ रखी है. जो गैस पहले 80 रुपये प्रति किलो मिलती थी वो अब 400 से 500 रुपये प्रति किलो मिल रही है. नोएडा में हर साल घरों का किराया महंगा होता जा रहा है. जो दिल्ली की स्थिति है वहीं नोएडा की भी स्थिति है. लेकिन नोएडा में दिल्ली की तरह वेतन नहीं मिल पा रहा है. खाने-पीने का सामान महंगा होता जा रहा है.
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अधिकतर कर्मचारियों की सैलरी 11000-15000 के बीच है. ऐसे में वो अपना गुजारा कैसे करें. वेतन का आधा हिस्सा तो मकान के किराये में चला जा रहा है. उपर से 8 घंटे की ड्यूटी में 10 से 12 घंटे काम लिया जा रहा है. इस स्थिति में वो अपना खर्च चलाने में नाकाम हैं, तो परिवार का खर्च कैसे चलायें. मजदूरों का कहना है कि हरियाणा में सरकार के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों के वेतन में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यूपी में अभी भी पुराने वेतन में ही काम कर रहे हैं. जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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