Bharat Express DD Free Dish

भेष बदलकर बांग्लादेश बॉर्डर पहुंची पुलिस, दबोचा ₹21 हजार का इनामी: करोड़ों की स्कॉलरशिप हड़पने वाले का खेल खत्म

NSP Scholarship Scam: पुलिस ने भारत सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल यानी NSP को हैक कर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने के आरोपी मुख्य सरगना इमरान अली उर्फ सरजू को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी. आरोपी पर 21 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था.

NSP Scholarship Scam

NSP Scholarship Scam

रिपोर्ट- जयप्रकाश शर्मा, डीडवाना


NSP Scholarship Scam: डीडवाना-कुचामन पुलिस ने छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय ठग गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने भारत सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल यानी NSP को हैक कर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने के आरोपी मुख्य सरगना इमरान अली उर्फ सरजू को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी. आरोपी पर 21 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था.

पुलिस के मुताबिक इमरान अली ने साल 2021-22 और 2022-23 के दौरान अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया. आरोप है कि उसने अपने नेटवर्क के जरिए सरकारी छात्रवृत्ति की रकम फर्जी खातों और दस्तावेजों के सहारे हड़प ली. इस मामले में पूरे राजस्थान में करीब 28 मुकदमे दर्ज हुए थे.

बांग्लादेश बॉर्डर पर भेष बदलकर पहुंची पुलिस

यह केस पुलिस के लिए आसान नहीं था. डेटा की कमी और आरोपी की लगातार बदलती लोकेशन के कारण जांच काफी चुनौतीपूर्ण हो गई थी. आरोपी तक पहुंचने के लिए राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने अलग रणनीति अपनाई. पुलिसकर्मी वेश बदलकर बांग्लादेश बॉर्डर से लगे गांवों और चाय के बागानों तक पहुंचे. टीम ने खुद को खानाबदोशों जैसा दिखाया और कई दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी. आखिरकार लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने मुख्य सरगना इमरान को दबोच लिया.

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से 44 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और सात एटीएम कार्ड बरामद किए गए. पुलिस इससे पहले आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी कर कई चौंकाने वाली चीजें बरामद कर चुकी है. इनमें 18 फर्जी मुहरें, 105 सिम कार्ड, चार क्लोन अंगूठे के निशान, एक मेड इन चाइना मोबाइल पेमेंट टर्मिनल मशीन और चार सिम वाला बांग्लादेशी मोबाइल फोन शामिल है.

गिरफ्तारी के दौरान भी डेढ़ लाख किये ट्रांसफर

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था. इसकी सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गिरफ्तारी के दौरान भी आरोपी के बैंक खाते में 1.60 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे.

ये भी पढ़ें- शंकराचार्य ने 25 आदिवासियों की कराई घर वापसी, गंगाजल और मंत्रोच्चार के साथ अपनाया सनातन धर्म

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है. जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या इस छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े में उच्च स्तर पर विभागीय अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं थी. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read