Urdu Conclave 2026

अब सदन से बंक नहीं मार पाएंगे सांसद! बजट सत्र से लागू होगा स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम

Parliament Attendance: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बजट सत्र 2026 से सांसदों की उपस्थिति दर्ज कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब सांसद केवल सदन के भीतर अपनी निर्धारित सीट से ही हाजिरी लगा सकेंगे.

Parliament Attendance

Parliament Attendance: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आगामी बजट सत्र में लोकसभा सांसद सदन के भीतर केवल अपनी निर्धारित सीटों से ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे.

इसे पहले सांसद अपनी हाजिरी लॉबी से दर्ज करा सकते थे, लेकिन अब उस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है. यह कदम सांसदों को कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

अध्यक्ष ओम बिरला ने क्या कहा?

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए संसद में गंभीरता और अनुशासन की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने आगे कहा कि संसद में अक्सर विपक्षी सदस्यों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन के कारण कई दिनों तक कार्यवाही बाधित होती रही है. लेकिन अब सांसद सदन के संचालन के दौरान ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे और सदन के स्थगित होने पर, चाहे अवरोध ही कारण क्यों न हो, सांसद अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाएंगे.

सांसदों की असली भागीदारी है उद्देश्य

स्पीकर ओम बिरला का जोर इस बात पर है कि हाजिरी सिर्फ संसद परिसर में मौजूद होने का सबूत नहीं होनी चाहिए. यह सांसद की सक्रिय भागीदारी को दर्शाए ये मुहिम होनी चाहिए. इसलिए अब लोकसभा कक्ष में हर सीट पर पहले से ही लगे डिजिटल कंसोल से ही सांसद अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे. बाहर लॉबी या गलियारे में खड़े होकर या बैठकर हाजिरी लगाने का दौर अब पूरी तरह खत्म हो गया है.


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इस कार्यक्रम में अपने संबोधन में बिरला ने कहा कि संसद ने भारत भर की विधायी संस्थाओं में लागू नियमों और परंपराओं में एकरूपता लाने के तरीकों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया है. उन्होंने विभिन्न मापदंडों पर राज्य विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के महत्व पर भी प्रकाश डाला.

उन्होंने आगे कहा कि संसदीय लोकतंत्र की जीवंतता को बनाए रखने के लिए एक उत्तरदायी, समावेशी और दूरदर्शी विधायिका केंद्रीय महत्व रखती है, जो लोकतांत्रिक संस्थानों में जनता के विश्वास को बढ़ाने के लिए अनिवार्य है. संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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