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स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने अकाने यामागुची को हराकर जापान ओपन 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है. पीएम मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई दी है.

NCPI Seat In Parliament: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के बैठने के लिए सदन के स्पीकर ओम बिरला ने मंजूरी दे दी है. इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने काकोली घोष दस्तीदार को NCPI का चीफ व्हिप और सुदीप बंद्योपाध्याय को फ्लोर लीडर के रूप में मान्यता दी है.

जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी में बादल फटने और भारी बारिश से भारी तबाही हुई है. पुंछ में 15 लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें मल्हार गांव के एक ही परिवार के 8 लोग शामिल हैं.

Monsoon Return 2026: भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से बेहाल उत्तर और मध्य भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, जुलाई के लंबे 'ब्रेक' के बाद मॉनसून एक बार फिर रौद्र रूप में वापसी करने जा रहा है.

Khesari Lal Yadav On PK: भोजपुरी सुपरस्टार और गायक खेसारी लाल यादव भी प्रशांत किशोर (पीके) के फैन हो गए हैं. उन्होंने पीके को पढ़े-लिखे और विजनरी नेता बताया. खेसारी ने जनता से सोच समझकर वोट देने की अपील की. खेसारी लाल यादव पटना में बंटी यादव की हत्या को लेकर परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे थे.

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के भीतर ठाकुर नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई चर्चा में है.

अयोध्या के बाद अब राजस्थान के भरतपुर में बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे को लेकर विवाद शुरू हो गया है. देवस्थान विभाग के अधीन होने के बावजूद यहां सालभर से भक्तों को दान की रसीद नहीं मिल रही है. जानें कैसे हुआ खुलासा.

20 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने से पहले परिसीमन बिल चर्चा का विषय बन गया है. सवाल है कि क्या सरकार फिरसे इस संसद में पास कराने के लिए पेश करेंगी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया फिलहाल 8 बिल सूचीबद्ध हैं.

Crocodile in Kota Hostel Mess: कोटा के बोरखेड़ा इलाके में एक बॉयज हॉस्टल के बेसमेंट स्थित मेस में अचानक 5 फीट लंबा मगरमच्छ घुस आया. खाना बना रहे कर्मचारियों और कोचिंग छात्रों में अफरा-तफरी मच गई. वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया.

Ex Serviceman Land Fraud: राजस्थान के जांबाज सैनिक आज अपने ही हक की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं. रिटायर्ड सैनिकों का आरोप है कि सरकार ने उनकी वीरता को देखते हुए जमीन आवंटित की थी, लेकिन उनकी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री से लेकर म्यूटेशन तक कर दिया गया, जिसकी वजह से वो अपनी ही जमीन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं.