8 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स एंड रडार डिवेलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (LRDE), DRDO का दौरा किया. इस दौरान उन्हें डीआरडीओ की बेंगलुरु की विभिन्न प्रयोगशालाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनके भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई.
आत्मनिर्भर भारत को लेकर DRDO की सराहना
डॉ. मिश्रा ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की टीम के प्रयासों की सराहना की और उन्हें माननीय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत विजन के तहत सशस्त्र बलों के लिए नई पीढ़ी की अत्याधुनिक प्रणालियाँ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया.
दौरे के दौरान डॉ. मिश्रा ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से चर्चा भी की और भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किए. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में नवाचार, डिज़ाइन और प्रौद्योगिकी विकास के स्वदेशी प्रयासों को और तेज़ किया जाए, ताकि भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सके.

मेक इन इंडिया में DRDO की भूमिका महत्वपूर्ण: डॉ. पी. के. मिश्रा
डॉ. मिश्रा की इस यात्रा से न सिर्फ़ डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और टेक्नोलॉजी डेवलपर्स को नई प्रेरणा मिली, बल्कि मेक इन इंडिया के तहत भारत की रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को भी बल मिला.

डॉ. मिश्रा ने आशा जताई कि DRDO की टीमें आने वाले वर्षों में भारतीय सेनाओं की ज़रूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक और प्रभावी प्रणालियों के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी.
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