पीएम किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को खाद-बीज खरीदने में काफी मदद मिल रही है. किसानों का दावा है कि पीएम मोदी की इस लाभकारी योजना से उन्हें जो सहायता राशि बैंक खाते में प्राप्त होती है, उससे उन्हें खाद-बीज खरीदने के लिए बाहर से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती है.
झारखंड के हजारीबाग जिले के किसानों के चेहरे इन दिनों खुशी से खिले हुए हैं. इसके पीछे की वजह है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नई किस्त का उनके खातों में पहुंचना. केंद्र सरकार की ओर से जारी इस राशि ने किसानों को खेती की तैयारी के लिए एक बड़ा सहारा दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी की, जिसका लाभ देशभर के किसानों के साथ-साथ हजारीबाग जिले के किसानों को भी मिला. किस्त के रूप में 2000 रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचते ही उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है. किसानों का कहना है कि इस राशि का उपयोग वे खेती की तैयारी में करेंगे.
किसान कद्दू, करेला, लौकी, खीरा, तरबूज समेत कई तरह की सब्जियों की खेती करते हैं. इसके लिए बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने की जरूरत पड़ती है. ऐसे में सरकार से मिलने वाली यह राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए काफी सहायक साबित होगी.
बीज, खाद और दवाइयों की खरीद में मिली राहत
हजारीबाग जिले के विभिन्न गांवों के किसानों ने बताया कि 2000 रुपए की राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन छोटे किसानों के लिए इसका बड़ा महत्व है. पहले खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें दूसरे लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब इस योजना से मिलने वाली राशि से वे बीज, खाद और दवाइयां खरीद पा रहे हैं. किसानों का कहना है कि इस योजना ने उन्हें काफी हद तक आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है.
हजारीबाग के किसानों ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है. गोपी राना ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सहायता राशि बैंक खाते में आई है. हम पीएम मोदी का तह दिल से धन्यवाद करते हैं. किसान अशोक कुमार मेहता ने कहा कि पीएम किसान निधि योजना हमारे लिए वरदान है. किसानों के खाते में सहायता राशि दी जाती है. जिससे किसानों को काफी लाभ होता है. सहायता राशि से बीज और खाद की खरीददारी करते हैं. श्याम प्रसाद मेहता ने कहा कि सहायता राशि से कीटनाशक दवाइयों की खरीदारी की जाती है. आर्थिक तौर पर हमें बीज-खाद खरीदने की चिंता से मुक्ति मिल जाती है.
एक अन्य किसान ने कहा कि सहायता राशि से काफी मुश्किल हल हो जाती है. अच्छी बात यह है कि पीेएम मोदी की इस योजना के तहत हमेशा समय में राशि बैंक खाते में पहुंच जाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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