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बालोतरा से पीएम मोदी की हुंकार, रिफाइनरी की बढ़ाई ताकत; राजस्थान को 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छा शक्ति और भारत के प्रयास भारी पड़े हैं.

PM Modi, Subhashitam, Amarnath Yatra 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए दुनिया में चल रहे ऊर्जा संकट और भारत की तैयारियों को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने साफ कहा कि 21वीं सदी में जो ऊर्जा संकट दुनिया के सामने खड़ा हुआ है, उसे भारत ने अपनी तैयारी, नीतियों और तेज फैसलों से काफी हद तक संभाल लिया है.

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ा है. कई बड़े देश ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत ने समय रहते स्थिति को समझा और सही रणनीति अपनाकर खुद को बड़े संकट से बचा लिया.

उन्होंने कहा कि सरकार ने हालात का सही आकलन किया, संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया और कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई. इसी वजह से देश पर बड़ा असर नहीं पड़ने दिया गया.

अपने भाषण में पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी इशारों में निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग उस समय अफवाहें और डर का माहौल बनाने में लगे थे, जबकि सरकार लगातार स्थिति को संभालने में जुटी थी. पीएम ने कहा कि उस दौर की मेहनत और फैसलों को आने वाला समय इतिहास के रूप में दर्ज करेगा.

एलपीजी संकट और सरकार की रणनीति

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर रसोई गैस यानी एलपीजी सप्लाई का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी बाहर से आयात करता है, और उसमें से बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. लेकिन युद्ध जैसे हालात बनने पर सप्लाई पर खतरा पैदा हो गया था.

उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत रिफाइनरी सिस्टम को सक्रिय किया और कुछ ही दिनों में उत्पादन बढ़ाकर स्थिति को संभाल लिया. जहां पहले रोजाना करीब 35 हजार मीट्रिक टन एलपीजी बनती थी, वहीं इसे बढ़ाकर 54 हजार मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया गया.

घर-घर गैस पहुंचाने पर जोर

पीएम मोदी ने बताया कि इस संकट के दौरान सरकार ने सिर्फ एलपीजी पर ही निर्भरता कम करने की कोशिश नहीं की, बल्कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के जरिए भी तेजी से कनेक्शन बढ़ाए गए. कुछ ही समय में 11 लाख से ज्यादा घरों को PNG नेटवर्क से जोड़ा गया.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगर सरकार समय पर कदम नहीं उठाती, तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें 2000 रुपये तक पहुंच सकती थीं. लेकिन इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर 950 रुपये से कम में और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 650 रुपये से भी कम में गैस मिलती रही.

हाल ही में कमर्शियल गैस की कीमतों में भी कटौती की गई है, जिससे कारोबारियों को राहत मिली है.

1 लाख करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा

इस कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने बालोतरा में करीब 1.06 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया. इनमें पेट्रोकेमिकल, रेलवे, सड़क, शहरी परिवहन, बिजली और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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