PM Modi Bhutan Visit: दिल्ली में हुए धमाके के बाद कई लोगों को लगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद अपनी भूटान यात्रा रद्द कर देंगे, लेकिन भूटान को तब सुखद आश्चर्य हुआ जब पीएम मोदी तय कार्यक्रम के अनुसार पहुंचे. यह उनके उस रिश्ते की गहराई को दर्शाता है जिसे उन्होंने 2014 में अपने पहले विदेश दौरे से ही संजोना शुरू किया था.
भावनात्मक और ऐतिहासिक यात्रा
इस बार की यात्रा सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि भावनात्मक और ऐतिहासिक भी थी. पीएम मोदी ने भारत और भूटान की साझेदारी से बने 1020 मेगावाट के पुनात्सांगछू-II हाइड्रो प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया. साथ ही उन्होंने भूटान-भारत संबंधों के स्तंभ रहे महामहिम चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक को उनके 70वें जन्मदिन पर श्रद्धांजलि दी.
वैश्विक शांति के लिए प्रार्थना
यात्रा का एक और अहम पहलू था ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल, जिसमें दुनिया भर के बौद्ध गुरु भूटान में वैश्विक शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. भारत ने इस आयोजन में पवित्र पिपरहवा बुद्ध अवशेषों को सार्वजनिक दर्शन और आशीर्वाद के लिए भेजा है.
भूटानवासियों का जीता दिन
पीएम मोदी ने अपने भाषण में भूटानवासियों का तब दिल जीत लिया, जब उन्होंने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को भारत से जोड़ने के लिए रेलवे कनेक्शन और इमिग्रेशन चेक-पोस्ट की घोषणा की. उन्होंने महामहिम चौथे राजा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और दिल्ली धमाके का भी जिक्र करते हुए भारत की सुरक्षा और एकता का संदेश दिया.
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इस मौके पर भूटान के वर्तमान राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने बौद्ध गुरुओं और जनता के साथ मिलकर दिल्ली धमाके के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की और भारत की सफलता व कल्याण की कामना की. यह यात्रा भारत-भूटान संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हुई.
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-भारत एक्सप्रेस
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