भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोलीविया के नए राष्ट्रपति चुने जाने पर रोड्रिगो पाज परेरा को बधाई दी है. पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए भारत और बोलीविया के मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख किया. प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “बोलीविया के राष्ट्रपति चुने जाने पर रोड्रिगो पाज परेरा को हार्दिक बधाई. भारत और बोलीविया के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध लंबे समय से हमारे पारस्परिक सहयोग की आधारशिला रहे हैं. मैं आने वाले वर्षों में साझा प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझेदारी को और मजबूत बनाने की उम्मीद करता हूं.”
Warm congratulations, Mr. Rodrigo Paz Pereira, on your election as the President of Bolivia. Close and friendly ties between India and Bolivia have long underpinned our mutually beneficial cooperation. I look forward to deepening our partnership for shared progress and prosperity…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 21, 2025
बोलीविया में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर के मतदान में ईसाई लोकतांत्रिक पार्टी (पीडीसी) के रोड्रिगो पाज ने शानदार जीत हासिल करते हुए पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज ‘तुटो’ क्विरोगा को हराया. रविवार को चुनावी परिणाम घोषित हुए थे. 58 साल के पाज ने जीत के बाद एक चुनावी सभा में कहा कि हम पूंजीवाद लाएंगे और अमेरिका से रिश्ते सुधारेंगे. उनकी जीत के साथ ही इस देश में लगभग 20 साल से चली आ रही वामपंथी पार्टी ‘मूवमेंट टुवर्ड सोशलिज्म’ (एमएएस) के शासन का अंत हो गया है.
राजनीतिक बदलाव का अवसर
बोलीविया में 2006 से एमएएस सत्ता में थी, लेकिन इस बार उसका उम्मीदवार दूसरे दौर तक नहीं पहुंच सका. चुनाव के पहले दौर में अगस्त में मतदान हुआ था, लेकिन उस दौरान कोई दल बहुमत नहीं पा सका था. इसी कारण रविवार को अंतिम दौर का मतदान हुआ जिसमें पाज जीत गए. पाज ने वादा किया है कि उनकी शासन शैली “सर्वसम्मति” वाली होगी क्योंकि उन्हें विभाजित समाज में जनता का विश्वास हासिल करने की उम्मीद है.
पाज ने यह भी कहा कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बधाई संदेश मिला है, जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन “साझा प्राथमिकताओं पर बोलीविया के साथ साझेदारी के लिए तैयार है.”
रुबियो ने कहा, “दो दशकों के कुप्रबंधन के बाद, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति पाज का चुनाव दोनों देशों के लिए एक परिवर्तनकारी अवसर है.” पाज 8 नवंबर को पद्भार संभालेंगे. इस जीत से बोलीविया की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखेगा. दशकों बाद किसी गैर-वामपंथी नेता को राष्ट्रपति पद पर काबिज होने का मौका मिला है. इस बीच मात खाने वाले दल ने चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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