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दिल्ली में BRICS सम्मेलन: PM मोदी और ईरान के विदेश मंत्री के बीच अहम बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और ईरानी विदेश मंत्री अराघची की मुलाकात ने भारत-ईरान रणनीतिक संबंधों को नई दिशा दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच से शांति और कूटनीति का संदेश देते हुए आतंकवाद के खिलाफ साझा सहयोग की अपील की.

Pm modi with Iran FM

India-Iran Relations: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और ईरान के विदेश मंत्री डॉ. सैयद अब्बास अराघची के बीच एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट हुई. इस मुलाकात में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और वैश्विक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई.

प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी विदेश मंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक चर्चा की. वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स देशों के साथ संवाद में शांति, कूटनीति और आतंकवाद विरोध को प्राथमिकता दी. अराघची ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर ईरान का रुख स्पष्ट किया और प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई और भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में रूस, ब्राजील और मलेशिया के प्रतिनिधियों के साथ भी उच्च स्तरीय वार्ता हुई.

द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर मंथन

ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के पुराने सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया. इसके साथ ही ब्रिक्स के अन्य प्रतिनिधियों के साथ भी क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर संवाद हुआ.

सेवा तीर्थ में संयुक्त मुलाकात और भारत मंडपम में रात्रिभोज

गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ में ईरान के विदेश मंत्री और ब्रिक्स के अन्य डेलीगेट्स के साथ संयुक्त मुलाकात की. इसके बाद शाम को भारत मंडपम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा एक भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जहाँ दुनिया भर से आए राजनयिकों का विधिवत स्वागत किया गया.

शांति और सुरक्षा पर भारत का रुख

बैठक की अध्यक्षता करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान संघर्षों के दौर में संवाद और कूटनीति ही एकमात्र समाधान हैं. जयशंकर ने सतत विकास, तकनीकी प्रगति और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा.

ईरान का पक्ष और अंतरराष्ट्रीय मुलाकातें

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह व्यापार के लिए खुला है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों ने जटिलताएं पैदा की हैं. सम्मेलन के इतर अराघची ने मलेशिया, ब्राजील और रूस के विदेश मंत्रियों के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें क्षेत्रीय सहयोग और बहुपक्षीय ढांचे के भीतर समन्वय पर चर्चा हुई.

यह भी पढ़ें: रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने पीएम मोदी से की मुलाकात, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई बात

-भारत एक्सप्रेस 



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