प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन ने मुंबई में इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम-2026 का उद्घाटन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के दो बड़े इनोवेशन हब एक साथ आ रहे हैं. जब हम भारत और फ्रांस की बात करते हैं… तो हमारा रिश्ता इनोवेशन के साथ-साथ भरोसे का और साझा मूल्यों का भी है.
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ राष्ट्रपति मैक्रॉन और मैंने वर्ष 2026 को इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के रूप में सेलिब्रेट करने का निर्णय किया है. ये हमारा सेलिब्रेशन ही नहीं, बल्कि साझा कमिटमेंट भी है.
उन्होंने कहा कि भारत, अपनी हजारों वर्षों की यात्रा में, गणित, चिकित्सा, धातु विज्ञान और वास्तुकला जैसे अनेक क्षेत्रों में मानव कल्याण के लिए इनोवेट करता रहा है. और अब, 21वीं सदी में भी, भारत के युवा ‘इनोवेशन फॉर ग्लोबल गुड’ की उसी यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. भारत के जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से लेकर हमारी विश्व स्तरीय अनुसंधान प्रयोगशालाएं तक एक नया ‘कैन-डू’ आशावाद उभर रहा है.
After the talks and press statements at Lok Bhavan in Mumbai, President Macron and I are on the way to the other programmes, which include the India-France Innovation Forum.@EmmanuelMacron pic.twitter.com/v2PKPEgP1o
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
भारत बन गया दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब
उन्होंने कहा कि भारत के जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम से लेकर विश्व स्तरीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं तक, एक नई सकारात्मक और चुनौतीपूर्ण भावना उभर रही है. स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम की बदौलत, देश महज एक दशक में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है. 2014 में, भारत में केवल चार यूनिकॉर्न कंपनियां थीं. आज यह संख्या बढ़कर 120 से अधिक हो गई है.
दो देशों का विश्वास और सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच संबंध वास्तव में अद्वितीय हैं. फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है, और राष्ट्रपति मैक्रोन के नेतृत्व में हमने इस साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और गतिशीलता प्रदान की है. आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण की नींव पर निर्मित, हम अब अपने संबंधों को एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं. यह सहयोग मात्र रणनीति से परे है. इन अशांत समयों में, यह वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध साझेदारी के रूप में खड़ा है.
उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर, आज हम अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित कर रहे हैं. हमें गर्व है कि भारत और फ्रांस मिलकर माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने वाला विश्व का एकमात्र हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे और पूरे विश्व को निर्यात करेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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