भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम अक्सर शॉर्टकट की तलाश में रहते हैं, लेकिन क्या सफलता का कोई ऐसा पक्का रास्ता है जो कभी फेल न हो? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार, 28 अप्रैल को देश के युवाओं और नागरिकों के साथ एक ऐसा ही ‘सफलता का सूत्र’ साझा किया, जो हजारों साल पुराना होने के बावजूद आज के दौर में भी उतना ही सटीक है. पी
संयम, समर्पण और सही दिशा
पीएम मोदी ने महाभारत के शांति पर्व से एक विशेष श्लोक साझा करते हुए बताया कि कैसे संयम, समर्पण और सही दिशा में किया गया परिश्रम किसी भी व्यक्ति और राष्ट्र की तकदीर बदल सकता है.
संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम अद्भुत सफलता दे सकता है। इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को भी एक नई ऊर्जा मिलती है।
उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः।
समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥ pic.twitter.com/WSPXyBzWEm
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में महाभारत का एक बेहद अर्थपूर्ण श्लोक साझा किया:
‘उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः।
समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु ।।’
क्या है श्लोक का अर्थ?
इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए पीएम ने बताया कि उन्नति और कामयाबी किसी जादू से नहीं, बल्कि सात खास गुणों से मिलती है. ये गुण हैं- निरंतर प्रयास (उत्थान), खुद पर नियंत्रण (संयम), काम में निपुणता (कुशलता), हमेशा सजग रहना (सतर्कता), धैर्य, अच्छी याददाश्त और सबसे जरूरी किसी भी काम को शुरू करने से पहले उसके बारे में गहराई से सोच-विचार करना.
परंपरा और तकनीक का मेल
प्रधानमंत्री ने इसके साथ एक आकर्षक एनिमेटेड वीडियो भी शेयर किया है. इस वीडियो में श्लोक को संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी में बहुत ही सुंदर और कलात्मक ढंग से पेश किया गया है. आज की डिजिटल पीढ़ी के लिए ये वीडियो किसी लाइफ-कोचिंग लेसन से कम नहीं है. सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं, क्योंकि ये हमारे प्राचीन ग्रंथों की शिक्षाओं को आधुनिक अंदाज में सामने लाता है.
राष्ट्र निर्माण में अनुशासन की अहमियत
प्रधानमंत्री अक्सर अपने भाषणों में ‘मजबूत इच्छाशक्ति’ और ‘निरंतर प्रयास’ की बात करते रहे हैं. इस बार उन्होंने महाभारत के जरिए ये समझाया है कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया हमारे व्यक्तिगत सुधार से शुरू होती है. यदि हम अपने काम में कुशल (Skillful) हैं और सोच-समझकर कदम उठाते हैं, तो हम न केवल अपना भला करते हैं बल्कि देश को भी ऊंचाइयों पर ले जाते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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