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PM Modi Mauritius Visit: मॉरीशस में पीएम मोदी की एक झलक पाने को बेताब दिखे लोग, सड़क के दोनों तरफ उमड़ी भीड़

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को मॉरीशस के गंगा तालाब के दर्शन किए थे. गांगा तालाब जाने के दौरान लोग सड़कों पर कई किलोमीटर तक उनकी एक झलक पाने के लिए खड़े रहे.

PM Modi Mauritius Visit

मॉरीशस में पीएम मोदी के लिए लोगों में दिखी दीवानगी.

PM Modi Mauritius Visit: भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में अक्सर सड़कों पर भीड़ उमड़ती देखी गई है, लेकिन मॉरीशस में उनकी दो दिवसीय यात्रा के दौरान जो कुछ देखने को मिला, वह दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है.

एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे लोग

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को मॉरीशस के गंगा तालाब के दर्शन किए थे. गांगा तालाब जाने के दौरान लोग सड़कों पर कई किलोमीटर तक उनकी एक झलक पाने के लिए खड़े रहे. गंगा तालाब को हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माना जाता है – ताकि उनकी एक झलक मिल सके.

हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों के किनारे खड़े थे लोग

लोग सड़क के दोनों ओर मॉरीशस का झंडा और भारतीय तिरंगा लहरा रहे थे. कई लोगों ने अपने फोन उठाए हुए थे और उस ऐतिहासिक क्षण को कैद करने के लिए, जब प्रधानमंत्री मोदी इस पवित्र स्थल पर पहुंचे.

पीएम मोदी ने गंगा तालाब पर की पूजा-अर्चना

गंगा तालाब पर पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल और पूजा-अर्चना की. इस पल को देखने के लिए उत्सुक भीड़ आगे बढ़ी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया, जिससे उत्साही लोगों में और जोश भर गया.

पीएम मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट

पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया. इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है. यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है.”

गंगा का तालाब का इतिहास

गंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है. यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है. इसके तट पर मंदिर भी स्थित है.

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स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी. 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया.

-भारत एक्सप्रेस



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