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CCTV फुटेज से खुली दान में चोरी की पोल! अयोध्या राम मंदिर मामले में SIT को मिले 105 चोरी के सबूत

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि एसआईटी ने किस तरह सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का विश्लेषण करके आरोपियों की पहचान की. रिपोर्ट के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मंदिर में दान की चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं.

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अयोध्या राम मंदिर मामले में SIT को मिले 105 चोरी के सबूत

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे और चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच का ज्यादातर काम पूरा कर लिया है और अगले दो दिनों में चार्जशीट दाखिल कर देगी.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले चंदे और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई थी.

केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा कर दी गई है.

अगले दो दिनों में दाखिल कर दी जाएगी चार्जशीट

एसजी मेहता ने सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच को यह भी बताया कि चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा 25 सितंबर को खत्म हो रही है और चार्जशीट अगले दो दिनों में दाखिल कर दी जाएगी.

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft

उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि जांच का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है और बाकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी.

इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए बेंच ने संबंधित सेशन जज को कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने की अनुमति दे दी.

सीसीटीवी का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान

सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई स्टेटस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि एसआईटी ने किस तरह सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का विश्लेषण करके आरोपियों की पहचान की, साथ ही दान और चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की.

स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मंदिर में दान की चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं.

स्टेटस रिपोर्ट में शीर्ष अदालत को यह भी बताया गया कि चढ़ावे के रूप में मिली कीमती वस्तुओं की रसीदें सॉफ्टवेयर के माध्यम से बनाई जाती हैं और ऐसी कीमती वस्तुओं को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के लॉकर में रखा जाता है.

सुप्रीम कोर्ट ने UP सरकार को दिया था ये निर्देश

यह ताजा घटनाक्रम तब सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी का पुनर्गठन करने और निष्पक्ष, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.

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इससे पहले सुनवाई में, उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ एसआईटी का पुनर्गठन किया गया है और उसने जांच का जिम्मा संभाल लिया है. पुनर्गठित एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. कर रहे हैं, जबकि अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर सदस्य हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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