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PM मोदी ने लोहिया को बताया भारतीय राजनीति का स्तंभ, ‘शहीद दिवस’ पर स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लिखा कि देश मां भारती के इन सच्चे सपूतों के बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद करता है.

PM Modi paid tribute to freedom fighters on 'Martyr's Day

स्वतंत्रता सेनानियों को श्रंद्धाजलि अर्पित करते पीएम मोदी.

PM Modi paid tribute to freedom fighters on ‘Martyr’s Day: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया को उनकी 114वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए शनिवार को कहा कि वह स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद स्वतंत्र भारत में राजनीति के एक स्तंभ थे. मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ लिखा कि लोहिया को उनके मजबूत समाजवादी विचारों के लिए हमेशा याद किया जाएगा. उत्तर प्रदेश में जन्मे लोहिया को पारंपरिक रूप से वंचित समुदायों के सशक्तीकरण पर केंद्रित राजनीति को आकार देने और उस समय प्रमुख दल कांग्रेस के खिलाफ विपक्षी ताकतों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है.

मोदी ने एक अन्य पोस्ट में स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्हें ‘लाहौर षड्यंत्र’ मामले में उनकी भूमिका के लिए अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी. मोदी ने ‘शहीद दिवस’ पर तीनों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘देश मां भारती के इन सच्चे सपूतों’’ के बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद करता है. इन तीनों क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए हाथ मिलाया था. भगत सिंह ने अप्रैल 1929 में ‘सेंट्रल असेंबली’ में बम फेंका था. बम फेंकने का उद्देश्य किसी को मारना नहीं बल्कि अपना विरोध दर्ज कराना था. इन तीनों को आज ही के दिन 1931 में फांसी दे दी गई थी. उस समय उन तीनों की उम्र 25 वर्ष से कम थी.

राम मनोहर लोहिया भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक कार्यकर्ता और एक समाजवादी राजनीतिक नेता थे. वह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य थे. 1962 में लोहिया ने फूलपुर से पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वह चुनाव हार गए. 1963 में उन्होंने उपचुनाव जीता और फरुखाबाद से सांसद बने. बाद में 1967 में उन्होंने कन्नौज निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता.



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