आज से संसद के एक बेहद महत्वपूर्ण और विशेष सत्र की शुरुआत हो रही है, जिसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में ‘नारी शक्ति’ के स्वर्णिम अध्याय के रूप में देखा जा रहा है. 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सत्र का मुख्य एजेंडा महिला आरक्षण कानून यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को धरातल पर उतारने के लिए जरूरी संवैधानिक संशोधनों को पारित करना है. इस ऐतिहासिक घड़ी की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की माताओं और बहनों को नमन करते हुए एक प्रेरक संदेश साझा किया है.
नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस सत्र की महत्ता को रेखांकित करते हुए लिखा:
आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो… pic.twitter.com/8KWT1WLSje
— Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026
“आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है. हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं.”
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्.
ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥
ऋग्वेद के श्लोक से दी ‘नारी शक्ति’ को नई परिभाषा
पीएम मोदी द्वारा साझा कि गई इस श्लोक का सरल भावार्थ ये है कि- “हे प्रकाशमयी उषा (स्त्री शक्ति का प्रतीक), तुम अपनी किरणों से पूरे विश्व को आलोकित करती हो. ज्ञान के अभिलाषी विद्वान तुम्हारी स्तुति करते हैं क्योंकि तुम अंधकार को दूर कर समृद्धि लाती हो.” इस श्लोक के जरिए पीएम मोदी ने ये संदेश दिया है कि जिस तरह सुबह की पहली किरण अंधकार को मिटाती है, उसी तरह शासन और नीति-निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी देश के भविष्य को उज्ज्वल करेगी.
क्या है विशेष सत्र का ‘मास्टर प्लान’?
इस विशेष बैठक में सरकार ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश करने जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की जटिलताओं से अलग कर जल्द से जल्द लागू करना है.
चर्चा है कि महिला आरक्षण को सुचारू रूप से लागू करने के लिए लोकसभा की सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है.
अगर ये विधेयक पारित हो जाते हैं, तो 2029 के आम चुनावों में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
ये भी पढ़ें: अडानी विंड ने मुंद्रा में चालू किया 5 MW टर्बाइन, भारत में हाई-कैपेसिटी विंड टेक्नोलॉजी की शुरुआत
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



