PM Modi Queen Maxima Meeting: वैश्विक मंच पर भारत की डिजिटल ताकत और वित्तीय समावेशन का डंका एक बार फिर जोर-शोर से बजा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (25 जून 2026) को नीदरलैंड्स की महारानी मैक्सिमा से नई दिल्ली में एक बेहद हाई-प्रोफाइल मुलाकात की है. इस बैठक के दौरान इस बात पर गहन चर्चा हुई कि कैसे भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित (DPI) महा-बदलाव वित्तीय सेवाओं को आम जनता के लिए बेहद सुलभ और किफायती बना रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि (UNSGSA) के रूप में भारत दौरे पर आईं रानी मैक्सिमा भारत के जन धन मॉडल को देखकर पूरी तरह दंग रह गईं.
जीवन को आसान बनाने वाला ‘भारतीय मॉडल’
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि नीदरलैंड्स की महामहिम रानी मैक्सिमा से मिलकर बेहद खुशी हुई. वह लंबे समय से दुनिया भर में वित्तीय समावेशन की प्रबल समर्थक रही हैं.
हमने चर्चा की कि कैसे भारत में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए हो रहा बदलाव वित्तीय सेवाओं को आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचा रहा है. पीएम ने साफ किया कि इस तकनीक ने लोगों की ‘लाइफ को आसान’ (Ease of Living) बनाया है और भारत अपने इन क्रांतिकारी अनुभवों को दुनिया भर के साझेदार देशों के साथ साझा करने के लिए हमेशा तत्पर है.
जन धन के लाभार्थियों से सीधे मिलीं रानी मैक्सिमा
महारानी मैक्सिमा का भारत आगमन वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की साझा वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाता है. अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने भारत की ‘जन धन योजना’ के जमीनी लाभार्थियों से सीधे बातचीत की और समझा कि कैसे एक छोटे बैंक खाते और डिजिटल पेमेंट ने उनकी जिंदगी बदल दी. विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि रानी मैक्सिमा का यह दौरा भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुभव से सीखने और उसे पूरी दुनिया में समावेशी व टिकाऊ विकास के लिए इस्तेमाल करने पर केंद्रित है.
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कूटनीति में दिखा भारतीय संस्कृति का रंग
भारत और नीदरलैंड्स के बीच के ये रिश्ते सिर्फ डिजिटल लेनदेन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें गहरी सांस्कृतिक कूटनीति भी शामिल है. पीएम मोदी ने पिछले महीने जब नीदरलैंड्स की यात्रा की थी, तब उन्होंने महारानी मैक्सिमा को राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध आभूषण कला परंपरा से बने बेहद खूबसूरत ‘मीनाकारी और कुंदन के झुमके’ उपहार में दिए थे.
संयुक्त राष्ट्र (UN) की इस खास दूत का जन धन से लेकर डिजिटल भुगतान तक भारत की पीठ थपथपाना यह साफ दिखाता है कि आने वाले दिनों में भारत का यह डिजिटल मॉडल पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को संचालित करने का सबसे बड़ा जरिया बनने जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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