PM Modi Bihu Greetings: पीएम मोदी ने असम के सबसे प्रमुख और रंगीन त्योहार ‘रोंगाली बिहू’ (Rongali Bihu) के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं. अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (X) अकाउंट पर उन्होंने एक संक्षिप्त और आत्मीय संदेश साझा करते हुए लिखा – “Rongali Bihu greetings to you all!”
बिहू की रंगीन छटा को दर्शाते ग्राफिक्स
साथ में दो आकर्षक ग्राफिक्स साझा किए गए. पहले ग्राफिक में अंग्रेजी में लिखा है – “Warm greetings on Rongali Bihu!” प्रधानमंत्री ने इसमें कहा कि यह त्योहार नई शुरुआत, समृद्धि, खुशी और एकता का प्रतीक है. असमिया संस्कृति की जीवंतता, लोक नृत्य, संगीत और फसलों की महत्ता का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी के लिए सफलता, सुख और स्वास्थ्य की कामना की. दूसरे ग्राफिक में पूरी शुभकामना असमिया भाषा में अंकित है.
Rongali Bihu greetings to you all! pic.twitter.com/rlM1iZSvuo
— Narendra Modi (@narendramodi) April 15, 2026
दोनों पोस्टर्स पर बिहू के पारंपरिक प्रतीक – ढोल, पेपा (बांसुरी जैसा वाद्य), गामोसा (पारंपरिक स्कार्फ), लाल-पीले रंग, फूल, धान की बालियां और सांस्कृतिक पैटर्न – बड़े ही सुंदर ढंग से दिखाए गए हैं. ये तत्व असम की लोक संस्कृति और प्रकृति से जुड़ाव को जीवंत बनाते हैं.
रोंगाली बिहू: वसंत और नई फसल का उत्सव
रोंगाली बिहू या बोहाग बिहू असम का सबसे बड़ा और रंगीन त्योहार है, जो वसंत ऋतु और नई फसल के आगमन का स्वागत करता है. असमिया लोग इस दिन नए कपड़े पहनते हैं, ढोल-पीपा की धुन पर नाचते-गाते हैं, पारंपरिक पकवान जैसे पिठा और लारू बनाते हैं और गामोसा का आदान-प्रदान करते हैं. यह त्योहार असम की सामुदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है.
उत्तर-पूर्व की संस्कृति को राष्ट्रीय सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी की यह शुभकामना असम की सांस्कृतिक धरोहर को पूरे देश में सम्मान देने का प्रतीक है. भारत सरकार के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत ऐसे त्योहारों को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे की संस्कृति को समझ और सराह सकें.
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एक्स यूजर्स ने इस पोस्ट पर उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाएं दीं. कई असमिया नागरिकों ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहा और बिहू की खुशियां साझा कीं. यह संदेश न सिर्फ असम के लोगों के लिए बल्कि पूरे उत्तर-पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सांस्कृतिक विविधता को मजबूत करने की जरूरत हमेशा बनी रहती है.
रोंगाली बिहू के इस अवसर पर प्रधानमंत्री का संदेश विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव के संदेश को भी मजबूत करता है. भारत की एकता इसी विविधता में निहित है, और ऐसे त्योहार हमें बार-बार इस सत्य की याद दिलाते हैं.
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