प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा है कि सरकार देश के हर जरूरतमंद तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है.
देश के हर जरूरतमंद तक पीडीएस के माध्यम से समय पर खाद्यान्न पहुंचे, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सार्थक पीडीएस को ज्यादा आधुनिक और प्रभावी बनाकर जारी रखने का फैसला किया गया है। इससे पीडीएस से होने वाली डिलिवरी, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था अधिक…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी सरकार
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) ने इस योजना को मंजूरी दी है. केंद्र सरकार इस पर करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी. सरकार ने दो पुरानी योजनाओं को मिलाकर ‘सार्थक-पीडीएस’ तैयार किया है. इसमें राज्यों के भीतर खाद्यान्न परिवहन और फेयर प्राइस शॉप डीलरों को सहायता देने वाली योजना के साथ ‘स्मार्ट पीडीएस’ को जोड़ा गया है.
बेहतर होगा राशन सिस्टम
सरकार का लक्ष्य सिर्फ राशन बांटना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी, आधुनिक और आसान बनाना है. इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (एमएल), नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.
योजना के तहत रियल टाइम मॉनिटरिंग, एआई आधारित शिकायत निवारण प्रणाली, डेटा आधारित निगरानी और स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर विकसित किए जाएंगे. साथ ही एकीकृत डेटाबेस और सुरक्षित डिजिटल प्रक्रियाओं पर भी जोर रहेगा.
81 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार का कहना है कि खाद्य सुरक्षा देना उसकी सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है. यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत आने वाले 81.35 करोड़ लाभार्थियों तक बेहतर तरीके से राशन पहुंचाने में मदद करेगी.
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पहले से चल रहे हैं कई डिजिटल सुधार
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने पीडीएस को डिजिटल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस मशीनों के जरिए राशन दुकानों का ऑटोमेशन और ऑनलाइन सप्लाई चेन सिस्टम पूरे देश में लागू किए जा चुके हैं. इसके अलावा ‘मेरा राशन’, ‘अन्न मित्र’, ‘राइटफुल टार्गेटिंग डैशबोर्ड’ और ‘अन्न सहायता’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं, जिससे लोगों को सुविधाएं आसानी से मिल सकें.
-भारत एक्सप्रेस
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