हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी रणनीतिक धाक और ‘ग्लोबल साउथ’ की लीडरशिप को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (27 जून 2026) को सेशेल्स की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर रवाना (PM Modi Seychelles Visit) होंगे. सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के विशेष निमंत्रण पर जा रहे पीएम मोदी वहां देश के राष्ट्रीय दिवस के ‘स्वर्ण जयंती समारोह’ में मुख्य ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (सम्मानित अतिथि) के रूप में शामिल होने जा रहे हैं. वैश्विक कूटनीति के लिहाज से प्रधानमंत्री की इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है, जो हिंद महासागर में भारत के ‘विजन महासागर’ (SAGAR) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी.
द्विपक्षीय संबंधों की होगी महा-समीक्षा(PM Modi Seychelles Visit)
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस बेहद महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा करेंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे और वहां रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से सीधा संवाद करेंगे. हिंद महासागर का एक अहम समुद्री पड़ोसी होने के नाते सेशेल्स भारत की सुरक्षा और विकास की नीति में एक बेहद खास और रणनीतिक स्थान रखता है.
स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज पर लगेगी मुहर
इससे पहले फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति भारत दौरे पर आए थे, जहां दोनों देशों के बीच गवर्नेंस को डिजिटल बनाने और भारत की तर्ज पर वहां डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और यूपीआई (UPI) जैसा डिजिटल पेमेंट सिस्टम लागू करने पर सहमति बनी थी.
वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी मॉरीशस में सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉरे से मुलाकात कर आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए नई दिल्ली की ओर से ‘स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज’ देने की प्रतिबद्धता जताई थी. पीएम मोदी की इस यात्रा से इन सभी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी.
AI और ब्लू इकोनॉमी पर बनेगी बात
सेशेल्स में भारत के हाई कमिश्नर रोहित राठीश ने प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले बताया कि भारत और सेशेल्स के संबंध इस वक्त अपने सबसे “गतिशील और बेहतरीन” दौर में हैं. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई रक्षा और तकनीकी समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
भारत अब सेशेल्स के साथ ट्रेडिशनल सिक्योरिटी के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, समुद्री विज्ञान, संरक्षण और ‘ब्लू इकोनॉमी’ जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बड़ी तैयारी में है, जो इस समुद्री रूट पर भारत विरोधी ताकतों के मंसूबों को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



