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बराक घाटी की बदल जाएगी किस्मत! पीएम मोदी ने सिलचर को दी 24,000 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री मोदी ने सिलचर में 24 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया. उन्होंने शिलांग-सिलचर हाईस्पीड कॉरिडोर की नींव रखी और बराक घाटी को भविष्य का ट्रेड हब बताया.

PM Modi Silchar Visit

असम की बराक घाटी के लिए शनिवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलचर में कदम रखते ही विकास की वो रफ्तार दिखाई, जिसका इंतजार इस क्षेत्र को दशकों से था. पीएम मोदी ने यहां लगभग 24 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. इनमें सबसे खास रहा ‘शिलांग-सिलचर कॉरिडोर’ का भूमि पूजन, जो उत्तर-पूर्वी भारत का पहला ‘एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड’ चार-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर होने जा रहा है.

म्यांमार और बांग्लादेश तक खुलेगा रास्ता

प्रधानमंत्री ने जिस शिलांग-सिलचर हाईस्पीड कॉरिडोर की नींव रखी, वह महज एक सड़क नहीं बल्कि विकास की एक नई लाइफलाइन है. पीएम मोदी ने कहा, ‘ये कॉरिडोर सिलचर के साथ-साथ मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा को भी जोड़ेगा. इन राज्यों के आगे बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाएं हैं और उसके बाद दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार. यानी यह प्रोजेक्ट बराक घाटी को सीधे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नक्शे पर ले आएगा.’

इसके अलावा, सिलचर शहर के ट्रैफिक को रफ्तार देने के लिए कैपिटल पॉइंट से रंगिरखारी पॉइंट तक बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर (चरण-1) का भी भूमि पूजन किया गया. शिक्षा के क्षेत्र में भी करीमगंज जिले के पथारकंडी को एक नए कृषि महाविद्यालय की सौगात मिली है.

विविधता ही बराक घाटी की असली ताकत

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सिलचर की सांस्कृतिक विरासत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘सिलचर को बराक घाटी का ‘गेटवे’ कहा जाता है. यहां बंगाली, असमिया और जनजातीय भाषाओं का जो संगम है, वही यहां की असली शक्ति है.’ प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार इसी विविधता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर बराक घाटी को फिर से व्यापार का पुराना गौरव लौटाने के लिए दिन-रात काम कर रही है.

चाय बागान मजदूरों को ‘जमीन का अधिकार’

रैली में मौजूद हजारों चाय बागान श्रमिकों के लिए प्रधानमंत्री ने एक भावुक और ऐतिहासिक एलान किया. उन्होंने कहा कि असम सरकार ने चाय बागानों में काम करने वाले परिवारों को उनकी जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) देने का जो काम किया है, वह इन परिवारों के 200 साल पुराने संघर्ष को सम्मान देने जैसा है.

पीएम मोदी ने कहा, ‘जमीन के पट्टे मिलने से न केवल इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, बल्कि अब वे सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकेंगे. यह उनके भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है.’ इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और असम सरकार की जमकर सराहना की.

रोजगार के खुलेंगे अनगिनत द्वार

प्रधानमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि चाहे रेलवे प्रोजेक्ट्स हों, हाई-स्पीड रोड हों या फिर कृषि कॉलेज, इन सभी का सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा. बराक वैली जब एक लॉजिस्टिक हब बनेगी, तो यहां के नौजवानों के लिए नौकरी और स्वरोजगार के ढेरों अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि आज का यह शिलान्यास बराक घाटी के एक उज्ज्वल भविष्य की नींव है.

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-भारत एक्सप्रेस



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