Bharat Express DD Free Dish

‘सीक्रेट कोड पब्लिक करो’; AI Summit में टेक दिग्गजों से बोले पीएम मोदी, क्या हैं मायने?

PM Modi AI Summit Speech: ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन दिया. उन्होंने कहा कि इंसान सिर्फ डेटा नहीं है. उन्होंने दुनिया की भलाई के लिए AI कोड्स को पब्लिक करने की वकालत की है. जानिए क्यों?

PM Modi AI Summit Speech

PM Modi AI Summit Speech: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि एआई मानव इतिहास का परिवर्तनकारी क्षण है और यह मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ाएगी. समिट में अपने मुख्य संबोधन में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एआई दुनिया के बड़े टेक्नोलॉजी बदलाव की तरह है. बस इसमें फर्क यह है कि पहले की तरह नई टेक्नोलॉजी आने में दशकों का समय नहीं लग रहा है, बल्कि यह बदलाव काफी तेज हो रहा है.

विजन बड़ा तो जिम्मेदारी भी बड़ी

पीएम मोदी ने कहा कि आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापाक भी है. हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम एआई का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे. इसलिए, आज असली प्रश्न ये नहीं है कि भविष्य में एआई क्या कर सकती है. प्रश्न ये है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं.

पीएम मोदी ने बताया भारत का बेंचमार्क

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस समिट का मूल उद्देश्य एआई को मशीन केंद्रित से मानव केंद्रित और संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने पर है. भारत एआई को किस दृष्टि से देखता है. उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस समिट की थीम सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय में है. यही हमारा बेंचमार्क है. एआई के लिए इंसान सिर्फ डेटा प्वाइंट न बन जाए, इंसान सिर्फ रॉ मटेरियल तक सीमित न रह जाए. इसलिए एआई को लोकतंत्रीकरण करना होगा. इसे ग्लोबल साउथ में समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा.

ये भी पढ़ें: 10 साल में बदल गया भारत! इमैनुएल मैक्रों ने AI Summit में की UPI की तारीफ

क्या कोड होंगे सार्वजनिक?

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मौजूदा समय में कई बड़ी कंपनियां एआई को रणनीतिक संपत्ति मानती है और कोड को सीक्रेट रखती हैं, लेकिन भारत का मानना है कि एआई का इस्तेमाल तभी दुनिया की भलाई के लिए तभी हो सकता है, जब इसके कोड सार्वजनिक होंगे.

नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read