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‘सत्य और कल्याणकारी विचारों को अपनाएं…! पीएम मोदी द्वारा शेयर किए श्लोक के क्या हैं मायने?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर अथर्ववेद का सुभाषित साझा कर सत्य, सद्विचार और लोकहित का संदेश दिया. पीएम मोदी ने स्वस्थ जीवन, उत्तम आचरण और जनहितकारी सूचनाओं के प्रसार को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की अपील की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय संस्कृति, वैदिक दर्शन और प्राचीन सनातन परंपरा के अनमोल ‘सुभाषित’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कर देशवासियों को लगातार प्रेरित कर रहे हैं. इसी कड़ी में सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक पवित्र संस्कृत श्लोक साझा करते हुए पूरे देश को सत्य, शुभ और कल्याणकारी विचारों को अपनाने का कड़क संदेश दिया.

बता दें कि पीएम मोदी ने लोगों से अपील (PM Modi Subhashit) की कि वे अपने जीवन को लोकहित में समर्पित करें और समाज को जागरूक, सशक्त तथा समरस बनाने के लिए केवल प्रामाणिक और सत्य सूचनाओं का ही प्रसार करें.

 

जानिए ऋग्वेद के इस पवित्र श्लोक का अर्थ(PM Modi Subhashit)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर वैदिक श्लोक साझा करते हुए लिखा कि ‘भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः. स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः॥’ इस श्लोक का गूढ़ और गहरा हिंदी अर्थ है कि हम अपने कानों से हमेशा सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक बातें सुनें तथा अपनी आंखों से कल्याणकारी दृश्य ही देखें.

हमारा शरीर स्वस्थ रहे, आचरण उत्तम हो और हम अपने श्रेष्ठ गुणों के साथ पूरे जीवन को समाज तथा राष्ट्र हित में समर्पित करें. पीएम मोदी का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रबुद्ध वर्ग इसकी जमकर तारीफ कर रहा है.

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मातृभूमि की सेवा पर पहले भी दिए हैं प्रेरणादायक संदेश

इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अगस्त को चंद्रमा और कुमुदुनी का सुंदर उदाहरण देते हुए निष्काम परोपकार पर श्लोक पोस्ट किया था, जिसका अर्थ था कि जैसे चंद्रमा बिना किसी स्वार्थ के सबको चांदनी देता है, वैसे ही सज्जन व्यक्ति बिना किसी अपेक्षा के दूसरों का हित करते हैं.

वहीं 6 अगस्त को भी उन्होंने पृथ्वी माता और औषधियों से जुड़े श्लोक के जरिए देशवासियों को मातृभूमि की सदैव सेवा करने का आह्वान किया था. पीएम मोदी की यह ‘सुभाषित श्रृंखला’ देश के युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने की नई ऊर्जा प्रदान कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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