Ranchi Student Protest
Ranchi student protest: झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 17 दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. आज सोमवार को पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शनकारी छात्र ‘विधानसभा का घेराव’ करेंगे. हालांकि, रविवार (9 अगस्त) को छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच लगभग 5 घंटे चली बैठक के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया. आइए जानते हैं, सरकार और छात्रों के बीच कहां अटक रही है वार्ता, साथ ही आज विधानसभा मार्च को लेकर पूरा प्लान क्या है.
विधानसभा के पास धारा 163 लागू
रांची में रविवार को राज्य सरकार की विशेष कमेटी और आंदोलन कर रहे छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब 5 घंटे तक तीन दौर में बातचीत हुई, लेकिन बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद छात्रों ने 10 अगस्त को होने वाले पूर्व घोषित विधानसभा घेराव को जारी रखने का फैसला किया है.
आंदोलनकारी छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह के बहकावे में न आने की अपील की है. छात्रों को सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास पहुंचने को कहा गया है. यहां से सभी छात्र एकजुट होकर नई विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण पैदल मार्च करेंगे. छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. नई विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में झारखंड हाईकोर्ट को छोड़कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू है. इसी के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दो हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है.
छात्रों की 98% मांगें मानी गईं
कल छात्रों के साथ हुई बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हुए. सरकार का कहना है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों पर सहमति बन गई है. इनमें 14वीं JPSC पीटी और ACF परीक्षा रद्द करना, TDPL एजेंसी की ओर से आयोजित परीक्षाओं की जांच कराना और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित करना शामिल है.
कहां फंसा पेंच?
हालांकि, छात्र प्रतिनिधि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े रहे. इस पर JMM मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी. इसलिए राज्य सरकार के पास इसे रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है.
ये भी पढ़ें: 17 लाख की ठगी का वांटेड आरोपी CJP के मंच पर! राजस्थान पुलिस को चकमा देकर जंतर-मंतर से हुआ फरार
सरकार ने छात्रों के सामने कुछ दूसरे विकल्प रखे. इनमें पैसों के लेन-देन से जुड़े मामलों की जांच ED को सौंपना, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाना और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन करना शामिल था. हालांकि, छात्रों ने इन सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया.
छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक TDPL की ओर से आयोजित सभी परीक्षाएं और JSSC-CGL परीक्षा रद्द नहीं होतीं और पूरे मामले की CBI जांच का लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. छात्र नेता कुणाल ने कहा कि प्रदर्शनकारी CBI जांच की मांग से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 अगस्त को होने वाला विधानसभा घेराव भी शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

