दिल्ली-NCR को जाम से मुक्ति
अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 यानी UER-2 बनकर तैयार हो गया है. इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर पश्चिमी जिले के लोकसभा के सांसद योगेंद्र चंदोलिया दिनांक 17 अगस्त को सुबह 10:00 बजे सेक्टर 37, रोहिणी में करेंगे. इस सड़क के बनने से दिल्ली को जाम से मुक्ति मिलेगी व प्रदूषण से राहत मिलेगी. यह प्रोजेक्ट दिल्ली और उसके आसपास के जिलों के लिए एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है. अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) और द्वारका एक्सप्रेसवे की लागत लगभग 11,000 करोड़ रुपये है. यह दोनों परियोजनाएं दिल्ली की यातायात समस्या को कम करने और प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
द्वारका एक्सप्रेसवे की खासियतें
- यह देश का पहला 8 लेन एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेसवे है, जिसकी लंबाई 29 किलोमीटर है.
- इसमें 192 किलोमीटर एलिवेटेड रोड के साथ दोनों तरफ 3-3 लेन की सर्विस रोड है.
- इसमें 34 अंडरपास, 31 सुरंग और 12 ओवर ब्रिज हैं.
- यह एक्सप्रेसवे महिपालपुर से शुरू होकर गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा तक जाता है.
अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) की विशेषताएं
- यह लगभग 75 किलोमीटर लंबा है और इसकी लागत 7716 करोड़ रुपये है.
- यह दिल्ली-पानीपत हाईवे से शुरू होकर द्वारका के सेक्टर 24 तक जाता है.
- इससे दिल्ली-रोहतक हाईवे, सोनीपत-गोहाना हाईवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे जुड़ते हैं.
- इससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी सीधे जुड़ जाएगा.
इन परियोजनाओं से होने वाले लाभ
- दिल्ली-गुरुग्राम के बीच की दूरी 20-25 मिनट में पूरी हो जाएगी.
- गुरुग्राम से IGI एयरपोर्ट तक की यात्रा 1 घंटे से घटकर 20 मिनट हो जाएगी.
- 35 से ज्यादा सेक्टर और दर्जनों गांवों को लाभ मिलेगा.
- हरियाणा के लोगों को सीधा कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा, तेल की खपत घटेगी और व्यापार बढ़ेगा.
टोल और FASTag
- द्वारका एक्सप्रेसवे पर बजघेड़ा में टोल देना होगा.
- UER-2 पर पक्करवाला में टोल देना होगा.
- सोनीपत स्पर पर झिंझौली में टोल देना होगा.
- FASTag एनुअल पास की कीमत 3000 रुपये होगी, जिससे सालभर में 200 बार नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे की यात्रा की जा सकेगी.
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सुधरेगा NCR का जन जीवन
द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-2 के उद्घाटन से दिल्ली-NCR की यातायात समस्या में काफी सुधार होगा. इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. यह परियोजनाएं उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. इन परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली-NCR के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके जीवन में सुधार आएगा.
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