प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय संविधान के शिल्पकार और महान समाज सुधारक डॉ. बाबासाहेब भीमराव रामजी अम्बेडकर की 135वीं जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. 14 अप्रैल को पूरे देश में मनाई जा रही ‘अम्बेडकर जयंती’ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने बाबासाहेब के आदर्शों को विकसित भारत के संकल्प की आधारशिला बताया.
बाबासाहेब के समावेशी विजन को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (X) पर एक विशेष संदेश साझा किया. उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के माध्यम से बाबासाहेब के समावेशी विजन को याद किया. पीएम ने लिखा,
‘अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥’
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का व्यक्तित्व और कृतित्व राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणापुंज बना रहेगा।
अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥ pic.twitter.com/3DAguZY08g
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
इस श्लोक के जरिए उन्होंने बताया कि संकीर्ण सोच वाले लोग ‘अपने’ और ‘पराए’ का भेद करते हैं, जबकि उदार चरित्र वाले बाबासाहेब जैसे महापुरुषों के लिए पूरा विश्व ही एक परिवार है.
राष्ट्र निर्माण के ‘प्रेरणापुंज’ बाबासाहेब
प्रधानमंत्री ने बाबासाहेब अम्बेडकर के व्यक्तित्व को राष्ट्र निर्माण के लिए एक अटूट प्रेरणा स्रोत बताया. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने और एक आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में बाबासाहेब के विचार आज भी सबसे अधिक प्रासंगिक हैं.
पीएम ने उल्लेख किया कि उनकी सरकार बाबासाहेब के ‘पंचतीर्थों’ को विकसित करने और उनके वैश्विक विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
सामाजिक न्याय और विकसित भारत का संकल्प
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की जयंती पर केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है और देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए उनके योगदान को याद किया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे बाबासाहेब के दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश को एकता और समानता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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