प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बैसाखी के पावन पर्व पर समस्त देशवासियों, विशेषकर किसान भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई दी है. 14 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस फसल उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की समृद्धि में अन्नदाताओं के योगदान को सराहा और समाज में एकता व सेवा के संकल्प को दोहराया.
नए उत्साह का पर्व
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (X) पर जारी संदेश में कहा, ‘बैसाखी की सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं! यह त्योहार नए उत्साह, खुशियों और समृद्धि का संदेश लेकर आता है.’ उन्होंने बैसाखी को केवल एक फसल उत्सव नहीं, बल्कि किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक बड़ा अवसर बताया.
Wishing you all a happy Baisakhi! pic.twitter.com/bvKBU9Olpx
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
पीएम ने रेखांकित किया कि हमारे अन्नदाता की कड़ी मेहनत और समर्पण के कारण ही आज देश निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर है.
खालसा पंथ की स्थापना
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस दिन के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने याद दिलाया कि बैसाखी का यह पवित्र दिन साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा ‘खालसा पंथ’ की स्थापना का प्रतीक है, जो साहस और न्याय की रक्षा का संदेश देता है. उत्तर भारत में रबी की फसलों की कटाई के साथ शुरू होने वाला यह उत्सव सूर्य नव वर्ष (मेष संक्रांति) के आगमन की भी घोषणा करता है.
विविधता में एकता
पीएम मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों में बैसाखी के साथ-साथ विशु, बोहाग बिहू और पोइला बैसाख जैसे त्योहार भी मनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये पर्व हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं और हमें अपनी साझा विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं.
ये भी पढ़ें: पुथांडु 2026: पीएम मोदी ने तमिल नववर्ष पर दी शुभकामनाएं, कहा- ‘विश्व स्तर पर समृद्ध है तमिल संस्कृति की विरासत’
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

