नवी मुंबई में आयोजित गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा, “आज हम सब गुरु तेग बहादुर साहिब जी के तीन सौ पचासवें शहीदी पर्व पर उनका पुण्य स्मरण कर रहे हैं. यह मेरे लिए एक सौभाग्य की बात है कि मैं इस ऐतिहासिक और पवित्र आयोजन का हिस्सा बन पा रहा हूँ.”
Sharing my remarks during the 350th Shaheedi Samagam of Sri Guru Teg Bahadur Ji in Navi Mumbai.
https://t.co/qWUKjSlxAi— Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2026
पीएम मोदी ने भारतीय इतिहास को शौर्य, समन्वय और सहयोग का इतिहास बताते हुए कहा कि आज का दिन हमें हमारी महान विरासत की याद दिलाता है. “जब हमारे गुरुओं ने त्याग और बलिदान की पराकाष्ठा की, तो हमारी सामाजिक एकता की अहम भूमिका थी. हर वर्ग, हर समाज ने हमारे गुरुओं से प्रेरणा ली. यही वजह है कि समाज ने सत्य और संस्कृति के लिए अडिग रहना सीखा.”
उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह और गुरु नानक की संगतों का योगदान इस यात्रा को और भी महत्वपूर्ण बना देता है.
गुरु तेग बहादुर की शहादत और समर्पण का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शहीदी समागम एक निरंतर चलने वाला यज्ञ है, जिसकी शुरुआत पिछले साल नागपुर से हुई थी. इसके बाद यह यात्रा नांदेड़ और अब नवी मुंबई तक पहुंची है. “यह आयोजन सिर्फ इन तीन शहरों तक सीमित नहीं है. महाराष्ट्र के हर कोने में, हर गांव और बस्तियों तक गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान और पराक्रम का संदेश फैलाया गया है.”
सिख समुदाय के लिए केंद्र सरकार के बड़े कदम
प्रधानमंत्री ने उन उपलब्धियों का भी जिक्र किया जो पिछले कुछ वर्षों में सिख समाज के लिए मील का पत्थर साबित हुई हैं. उन्होंने बताया कि कैसे केंद्र सरकार गुरु साहिबों से जुड़े हर ऐतिहासिक अवसर को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मना रही है. साहिबजादों की याद में अब हर साल राष्ट्रीय स्तर पर ‘वीर बाल दिवस’ मनाया जा रहा है. सालों के इंतजार के बाद रिकॉर्ड समय में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण पूरा किया गया. सिख इतिहास को अब स्कूल के पाठ्यक्रमों और सांस्कृतिक चर्चाओं में प्रमुखता दी जा रही है. हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां नई सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है.
न्याय और सम्मान की प्रतिबद्धता
पीएम मोदी ने 1984 के दंगों और न्याय की बात की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार सिखों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.”हमने 1984 दंगों की जांच के लिए एसआईटी बनाई, बंद पड़े केस खुलवाए और दोषियों को सजा दिलवाई. पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया गया ताकि उनके घावों पर थोड़ा मरहम लग सके.”
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को पूरे सम्मान के साथ भारत लाने और सीएए (CAA) के जरिए पीड़ित सिख शरणार्थियों को नागरिकता देने के फैसले को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हजारों सिखों के नाम ‘ब्लैकलिस्ट’ से हटा दिया गया हैं, ताकि वे आसानी से अपनी मातृभूमि आ-जा सकें.
पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि गुरु तेग बहादुर जी का साहस और सत्य के प्रति अडिग रहने का जज्बा आज भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि इतिहास सिर्फ याद करने के लिए नहीं होता, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारने के लिए होता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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