देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार देने और जनता को ठगने वाले साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (25 जून 2026) को एक बेहद बड़ा और कड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है. पीएम मोदी ने 52वीं ‘प्रगति’ (PRAGATI) बैठक की अध्यक्षता करते हुए चार राज्यों में फैली ₹30,000 करोड़ से अधिक की चार महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल) की गहन समीक्षा की. इस दौरान पीएम ने साफ चेतावनी दी कि परियोजनाओं में देरी से न सिर्फ लागत बढ़ती है, बल्कि जनता का नुकसान होता है, इसलिए सभी लंबित मुद्दों को ‘मिशन मोड’ में निपटाया जाए.
साइबर फ्रॉड पर भड़के पीएम
इस बैठक का सबसे बड़ा और सनसनीखेज पहलू साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) जैसी गंभीर शिकायतों पर पीएम मोदी का आक्रामक रुख रहा. नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने सख्त लहजे में कहा कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए. उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही तय करने, त्वरित प्रतिक्रिया देने और बैंकों, डिजिटल मंचों व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के कड़े निर्देश दिए.
Yesterday, chaired the 52nd PRAGATI meeting, during which we reviewed infrastructure works worth over Rs. 30,000 crore. These works will add momentum to economic growth, connectivity and industrial progress. Emphasised the use of PM GatiShakti National Master Plan for timely…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2026
तुरंत लागू करें ‘e-Zero FIR’ व्यवस्था
साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए पीएम मोदी ने राज्यों को एक बड़ा टास्क सौंप दिया है. उन्होंने कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत केस दर्ज करने और त्वरित एक्शन सुनिश्चित करने के लिए ‘ई-जीरो एफआईआर’ (e-Zero FIR) व्यवस्था लागू करने की दिशा में तेजी से काम करना चाहिए.
इसके साथ ही उन्होंने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की समीक्षा करते हुए इस राष्ट्रीय मिशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया.
जमीनी हकीकत अपडेट करने का आदेश
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि पोर्टल पर परियोजनाओं की स्वीकृतियों, अवसंरचना परतों और विवरणों को नियमित रूप से अपडेट किया जाना चाहिए. पोर्टल पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति लाइव दिखनी चाहिए ताकि आने वाली रुकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और वास्तविक समय के आंकड़ों (Real-time data) के आधार पर त्वरित निर्णय लिए जा सकें.
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-भारत एक्सप्रेस
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