Pragati 2026 Military Exercise: भारत की धरती इस समय एक बड़े और ऐतिहासिक सैन्य समागम की गवाह बन रही है. मेघालय के उमरोई के घने जंगलों और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में इस वक्त बंदूकों की गड़गड़ाहट और सैन्य रणनीतियों की हलचल तेज है. दरअसल, यहाँ बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ (PRAGATI 2026) का पहला संस्करण पूरे जोर-शोर से चल रहा है.
इस युद्धाभ्यास में भारत के साथ दुनिया के 12 मित्र देशों के 400 से अधिक जांबाज सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं. इस महा-मंथन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक मंच पर क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को मजबूत करना है.
आखिर कौन-कौन से देश आए हैं भारत? (Pragati Military Drill)
भारत की मेजबानी में हो रहे इस खास और अहम मिलिट्री ड्रिल में दक्षिण-एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र के प्रमुख देश शामिल हैं. इस अभ्यास में हिस्सा लेने वाले 12 देशों में भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशल्स, श्रीलंका और वियतनाम शामिल हैं.
जंगलों में चल रही है ‘खूंखार’ ट्रेनिंग (Pragati In Umroi Meghalaya)
बीते 20 मई 2026 को शुरू हुए इस युद्धाभ्यास के पिछले कुछ दिनों में सभी देशों की टुकड़ियों ने बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ट्रेनिंग ली है. मेघालय के जंगली और पहाड़ी इलाकों में सेनाएं एडवांस्ड ऑपरेशन्स का अभ्यास कर रही हैं.
काउंटर-टेररिज्म ड्रिल: घात लगाने (Ambush) और अचानक हुए हमले से बचने (Counter-Ambush) की अचूक रणनीतियाँ.
कमांडो स्किल्स: रॉक क्राफ्ट, हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे उतरना (Slithering), और चलती बस में आतंकियों को ढेर करने का ‘बस इंटरवेंशन’ ऑपरेशन.
फायरिंग कॉम्पिटिशन: सैनिकों के बीच ऑपरेशनल क्षमता और आत्मविश्वास को परखने के लिए आधुनिक AK-203 राइफल और स्नाइपर फायरिंग की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं.
खेलों से बढ़ रहा आपसी सौहार्द
‘प्रगति 2026’ सिर्फ बारूद और रणनीतियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमाओं के पार सैनिकों के दिलों को जोड़ने का भी माध्यम बना है. कठिन सैन्य ट्रेनिंग के बाद जवानों के बीच आपसी विश्वास और टीम वर्क को बढ़ावा देने के लिए बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और रस्साकशी (Tug of War) जैसे अनौपचारिक खेल आयोजनों का भी सहारा लिया जा रहा है, जिससे मित्र देशों के बीच सैन्य कूटनीति और मजबूत हो सके.
क्यों अहम है यह आयोजन? (What Is Pragati Military Drill)
बदलते वैश्विक और भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत में 12 देशों का एक साथ आना चीन समेत कई विरोधी देशों के लिए एक बड़ा रणनीतिक संदेश है. हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) और दक्षिण-एशियाई क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने और किसी भी अप्रत्याशित संकट या आतंकवाद से मिलकर निपटने के लिहाज से इस साझा मिलिट्री एक्सरसाइज को रक्षा विशेषज्ञ बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं.
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