प्रशांत किशोर (फोटो फाइल)
Prashant Kishor on Samrat Choudhary: चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर बिहार सरकार को घेरते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने भरत तिवारी के एनकाउंटर को हत्या करार दिया. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं हत्या हुई है. साथ ही उन्होंने सम्राट चौधरी पर भी तीखे आरोप लगाए.
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर भी प्रशांत किशोर ने केंद्र की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े मामलों की जवाबदेही बेहद जरुरी है.
दरअसल प्रशांत किशोर ने बिहार की सियासत, भरत तिवारी एनकाउंटर, पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों, INDIA गठबंधन, बांकीपुर उपचुनाव और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा वाले मामले में खुल कर बात की.
सम्राट चौधरी पर 7 लोगों की हत्या का है आरोप
प्रशांत किशोर ने बिहार की नई सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘सम्राट चौधरा पहली बार सत्ता में आए हैं , उन्हें अभी अनुभव नहीं है, वो जोश में आकर अपराधियों के खिलाफ खुला एक्शन की बात कर रहे है. वे राजनीतिक तौर पर अपरिपक्व हैं.
चुनावी रणनीतिकार (प्रशांत किशोर) ने बिहार के मुख्यमंत्री के बैकग्राउंड की बात करते हुए कहा कि ‘ सम्राट चौधरी पर भी 7 हत्या का आरोप है लेकिन नाबालिग का सर्टिफिकेट दिखाकर वह जेल से छूट गए थे. वो ज्यादा दिन तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और बीजेपी उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव तक बना कर रखेगी. सम्राट चौधरी का चाल चरित्र और चेहरा मुख्यमंत्री बनते ही दिखने लगा है.’
साथ ही उन्होंने बांकीपुर के उप चुनाव की बात की और कहा,
बिहार में यह बीजेपी की सबसे मजबूत सीट है. बांकिपुर की जनता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री के रूप में चयन से नाराज है. बांकिपुर की जनता कह रही है कि उन लोगों ने सम्राट चौधरी के लिए नहीं नीतीश कुमार के लिए वोट दिया था.
उन्होंने कहा कि वो बांकिपुर से सबकी सहमति के साथ चुनाव लड़ेगें और अगर उनके चुनाव लड़ने से बीजेपी हारती है तो वो चुनाव लड़ने के लिए तैयार है.
बांकीपुर चुनाव जनमत संग्रह है- प्रशांत
आगे प्रशात किशोर ने कहा कि, बांकीपुर का चुनाव जनमत संग्रह की तरह है क्योंकि पहली बार सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री रहते हुए बिहार में चुनाव हो रहा है. बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर के बाद पहली बार बिहार की जनता इस विधान सभा में वोट कर रही होगी.
इसी के साथ उन्होंने अयोध्या चंदा चोरी से जुड़े मामले पर भी बात की और कहा कि किसी भी संस्थान में अकाउंटिबिलिटी की कमी होगी, तो ऐसी घटना होगी. ऐसाी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. राम मंदिर करोड़ों लोगों के आस्था का केंद्र है. हिंदुत्व की बात करना और उसकी बातों में यकीन रखना अलग बात है.
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क्या है पूरा मामला?
बिहार के भोजपुर में 17 जून 2026 को सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. पुलिस ने दावा किया कि भरत हवा में फायरिंग कर रहे थे और पकड़ने जाने पर उन्होंने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस को उन्हें गोली मारनी पड़ी.
वहीं दूसरी ओर, घटना से ठीक पहले का एक फेसबुक लाइव वीडियो सामने आया, जिसमें भरत पुलिस के सामने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर करते हुए दिख रहे हैं. परिवार का आरोप है कि निहत्थे होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें घसीटते हुए गोलियां मार दीं. इस मामले पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, जबकि आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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