गोवा में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, क्योंकि विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने पेरनेम के धारगल में CADA द्वारा अधिसूचित 3.33 लाख वर्ग मीटर कृषि भूमि को डेल्टा कॉर्प लिमिटेड को दिए जाने के विवादास्पद मामले को लेकर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है. कथित तौर पर यह भूमि एक “एकीकृत रिसॉर्ट विकास परियोजना” के लिए है, जिसमें कैसीनो संचालन शामिल है.
अलेमाओ ने इस कदम को “किसानों के साथ विश्वासघात” और “क्रोनी कैपिटलिज्म” का एक उदाहरण बताते हुए जोरदार हमला किया. विडंबना को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि वही सरकार जिसने कभी किसानों की आय दोगुनी करने की कसम खाई थी अब कैसीनो संचालकों को सौंपने के लिए कृषि भूमि छीन रही है.
अलेमाओ ने कहा,
भाजपा ने पहले ही पणजी को पाप नगरी में बदल दिया है. अब वे गोवा के धारगल जैसे शांत गांवों को निशाना बना रहे हैं, उन्हें कैसीनो संस्कृति से खराब करने का प्रयास कर रहे हैं.
उन्होंने परियोजना की आलोचना करते हुए कहा कि यह CADA भूमि के मूल उद्देश्य का उल्लंघन करती है, जो कि कृषि उपयोग के लिए पूरी तरह से आरक्षित है इसलिए आवंटन को तुरंत वापस लिया जाए.
सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा आवंटन
सोशल मीडिया पर अपना विरोध जताते हुए, अलेमाओ ने गोवावासियों से सार्वजनिक भूमि को कॉर्पोरेट हितों को बेचने के खतरे का विरोध करने का आह्वान किया, उन्होंने कहा कि कैसीनो संचालक शर्मा और वर्मा जैसे क्रोनी कैपिटलिस्ट हैं.
इस विवादास्पद आवंटन ने सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और सीएम प्रमोद सावंत की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या भाजपा सरकार किसानों और स्थानीय लोगों के हितों की सेवा कर रही है – या कैसीनो के दिग्गजों की मांगों के आगे झुक रही है?
जैसे-जैसे जनता का आक्रोश बढ़ रहा है. सीएम सावंत पर इस विवादास्पद निर्णय को सही ठहराने और गोवा के कृषि और सांस्कृतिक भविष्य के लिए अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर सफाई देने का दबाव बढ़ रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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