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पंजाब को नशे के जाल से पूरी तरह बाहर निकालने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के “युद्ध नशों विरुद्ध” अभियान के तहत पुलिस अब सड़कों पर उतर आई है और एक्शन मोड में नजर आ रही है. इसी कड़ी में आज संगरूर रोड हाईवे पर पुलिस ने जबरदस्त नाकाबंदी की, जिसने नशा तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है.
हाईवे पर ‘प्रहार-02’: हर गाड़ी की सघन तलाशी
यह पूरी कार्रवाई पंजाब पुलिस के ‘प्रहार-02’ अभियान के तहत की गई. खास बात यह रही कि खुद एडीजीपी (ADGP) एल.के. यादव और एसएसपी संगरूर इस ऑपरेशन की निगरानी करने के लिए मौके पर पहुंचे. धुरी के संगरूर रोड हाईवे पर पुलिस की विशेष टीमों ने डेरा डाल रखा था.
डीएसपी धुरी की अगुवाई में पुलिस के जवान हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच कर रहे थे. पुलिस की नजर केवल कागजों पर नहीं, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों और खुफिया तरीके से नशा ले जाने वाले तस्करों पर थी. हाईवे पर सघन चेकिंग का आलम यह था कि संदिग्ध दिखने वाली किसी भी गाड़ी को बिना गहन जांच के आगे नहीं जाने दिया गया.
ADGP ने खुद लिया जायजा
एडीजीपी एल.के. यादव ने धुरी का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों और पुलिस की कार्रवाई का जायजा लिया. उन्होंने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम को सफल बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए. उन्होंने साफ किया कि पंजाब की धरती पर नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है और पुलिस का यह प्रहार अब रुकने वाला नहीं है.
जनता से अपील
कार्रवाई के दौरान मीडिया से बात करते हुए एडीजीपी यादव ने एक बेहद अहम संदेश दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन समाज से नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए आम जनता का साथ आना बहुत जरूरी है. उन्होंने अपील की कि लोग नशा तस्करों के बारे में पुलिस को जानकारी दें और इस अभियान का हिस्सा बनें.
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-भारत एक्सप्रेस
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