Pushkala Sangeet Kendra: मालवीय नगर, नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित पुष्कला संगीत केंद्र (Pushkala Sangeet Kendra) ने अपनी कला-साधना की यात्रा के दस गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर लिए हैं. इस अवसर पर संस्था द्वारा प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज से मान्यता प्राप्त वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन भव्यता के साथ सम्पन्न किया गया.
परीक्षा में विभिन्न आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने लिया भाग (Pushkala Sangeet Kendra)
परीक्षा में विभिन्न आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने गायन, वादन एवं नृत्य की विधाओं में भाग लिया. यह आयोजन विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, लगन और समर्पण का जीवंत प्रमाण बना. परीक्षाएं पारंपरिक गुरुकुल पद्धति की गरिमा के अनुरूप आयोजित की गईं, जहाँ विद्यार्थियों ने शास्त्रीय संगीत के विविध रागों, तालों और तकनीकों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.
पुष्कला संगीत केंद्र ने पूरे किए 10 वर्ष
प्रयाग संगीत समिति,प्रयागराज से मान्यता प्राप्त पुष्कला संगीत केंद्र में इस वर्ष वार्षिक परीक्षा इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस संस्था के 10 वर्ष भी पूरे हुए हैं. इस अवसर पर एग्ज़ामिनर के तौर पर आमंत्रित प्रख्यात तबला वादक श्री शाहरुख़ अहमद जी ने पधारकर संस्था की गरिमा को बढ़ाया.
शाहरुख़ अहमद ने अपने पिता से ली तबला की प्रारंभिक शिक्षा (Pushkala Sangeet Kendra)
शाहरुख़ अहमद जी ने अपनी तबला की प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता उस्ताद सरफ़राज़ अहमद जी एवं दादा उस्ताद फ़ज़ल अहमद ख़ान साहब से प्राप्त की. तत्पश्चात उन्होंने अजराड़ा घराने के खलीफा उस्ताद मंज़ूर हसन साहब (उर्फ़ उस्ताद मंजू खासाब) से तबला की उच्च शिक्षा ली. शाहरुख़ जी ने अनेक ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ संगत की है, जिनमें भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के भतीजे उस्ताद अली अब्बास ख़ान साहब का नाम प्रमुख है. इस वार्षिक परीक्षा में दिल्ली तथा बाहर के कई दिग्गज संगीतकार तथा उनके शिष्य समलित हुए.
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वार्षिक परीक्षा के अवसर पर कई कलाकारों की रही उपस्थिति
पुष्कला संगीत केंद्र और केंद्र निर्देशिका सुश्री स्नेहा मुखर्जी इसी प्रकार गत 10 वर्षों से संगीत की सेवा में लीन हो के भारत तथा कई बाहर के देशों में ऑफलाइन तथा ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से बच्चों और युवाओं में भारतीय शास्त्रीय संगीत का बीजारोपण कर रहे हैं. इस वार्षिक परीक्षा के अवसर पर कई कलाकारों की उपस्थिति रही जिनमें डॉ. रचना जी, पं• नंदलाल गन्धर्व जी, श्री आनंद देवनाथ जी, श्री महेश प्रजापति जी, श्री रोहित पवार जी, श्री गजेंद्र परिहार जी, श्री अमित श्रीधर जी, श्री राजकुमार पवार जी, सुश्री हीना वासन जी जैसे अनुभवी गुरु तथा उनके शिष्यों की उपस्थिति ने इस परीक्षा के संगीतमय अनुभव को और भी मधुर बना दिया.
गायन में विशेष दिव्यांग बच्ची ने किया अच्छा प्रदर्शन
गायन में विशेष दिव्यांग बच्ची लोविशा ने परीक्षा में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. उसकी तेज़ और स्पष्ट, सुरीली आवाज़ ने सभी को स्तब्ध कर दिया. इसी क्रम में बाल संगीत साधक साद्यांत कौशल की तबले पर थिरकती ऊंगलियों ने एग्जामिनर को मंत्रमुग्ध कर दिया. साद्यांत सिर्फ तबला वादन ही नहीं बल्कि गायन में भी उनकी कुशलता का जवाब नहीं. वहीं युवा कलाकार ओडिसी नर्तक श्री आकाश बोस के भाव भंगिमाओं का क्या कहना. उन्होंने भारत के कई प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन कर चुके हैं.
कई नन्हें तथा युवा संगीत साधकों ने वार्षिक परीक्षा में अपने समर्पण को दर्शाया
बी. रिद्धिमा, ज्योस्मिता, रुही , रोहित , ऐश्वर्या, अंशिका, अविका , सिद्धी, तनिष्का, अव्या, शारण्या तथा और भी कई नन्हें तथा युवा संगीत साधकों ने प्रयाग संगीत समिति से मान्यता प्राप्त पुष्कला संगीत केंद्र की इस वार्षिक परीक्षा में अपनी साल भर की लगन और संगीत के प्रति अपने समर्पण को दर्शाया. परीक्षा प्रबंधन तथा अन्य कार्यभार लावण्या सिंहा तथा खुशबू पाहुजा ने बखूबी संभाला जिनके बिना इस आयोजन का सफल हो पाना संभव न हो पाता.
स्नेहा मुखर्जी ने सभी विद्यार्थियों व अभिभावकों को दी शुभकामनाएं
पुष्कला संगीत केंद्र की निदेशिका गुरु स्नेहा मुखर्जी ने सभी विद्यार्थियों व अभिभावकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा: “संगीत केवल एक कला नहीं, आत्मा की साधना है – और पुष्कला का हर विद्यार्थी इस साधना का सच्चा वाहक है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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