Bihar News: पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 20 साल से अधिक समय से आवंटित 10 सर्कुलर रोड वाला सरकारी आवास खाली करने का आदेश भवन निर्माण विभाग ने जारी किया है. शुक्रवार को आए इस नोटिस में कहा गया कि यह बंगला अब पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है. यह तीसरा नोटिस है जो राबड़ी देवी को भेजा गया है.
राबड़ी देवी का बयान
नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर यह आवास नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चाहें तो फोर्स बुलाकर बंगला खाली करवा लें. राबड़ी देवी हाल ही में दिल्ली से पटना लौटी हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि परिवार इस घर को छोड़ने के मूड में नहीं है.
नया आवास पहले ही आवंटित
भवन निर्माण विभाग के अनुसार, नवंबर 2025 में जारी आदेश के तहत राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास दिया जा चुका है. इसके बावजूद वह अब तक पुराने बंगले में रह रही हैं. लालू परिवार साल 2005 से इसी आवास में रह रहा है और बार-बार आग्रह के बावजूद उन्होंने इसे खाली नहीं किया.
सामान शिफ्ट करने की प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से परिवार का सामान धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित घरों में भेजा जा रहा है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बंगले को चरणबद्ध तरीके से खाली करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
परिवार का विरोध
लालू परिवार इस आदेश के खिलाफ एकजुट दिख रहा है. तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि छोटे भाई के मुख्यमंत्री बनने के बाद बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दिया गया. उन्होंने कहा कि इस घर से पार्टी कार्यकर्ताओं का भावनात्मक रिश्ता जुड़ा था और अब यह रिश्ता एक सरकारी आदेश से खत्म कर दिया गया है.
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गोवा का संदर्भ
राजनीतिक घटनाओं से अलग गोवा का इतिहास एक अलग तस्वीर पेश करता है. पुर्तगाली शासन से आज़ादी पाकर 1987 में राज्य का दर्जा हासिल करने वाला गोवा आज पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है. यह दिखाता है कि जहां बिहार में सत्ता और राजनीति के कारण आवास विवाद सुर्खियों में हैं, वहीं गोवा अपने भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व से शांति और विकास की मिसाल बना हुआ है.
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-भारत एक्सप्रेस
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