BJP attacks Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर विदेश दौरे पर निकल गए हैं. उनकी इस यात्रा को लेकर बीजेपी ने तीखे सवाल उठाए हैं. बीजेपी का कहना है कि पिछले 22 सालों में राहुल गांधी 54 बार निजी विदेश यात्राएं कर चुके हैं लेकिन इन दौरों की फंडिंग को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
संबित पात्रा का आरोप
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से निर्वाचित पद पर हैं और इस दौरान उन्होंने कई देशों की यात्राएं की हैं. पात्रा ने दावा किया कि इन यात्राओं का खर्च करीब 60 करोड़ रुपये तक पहुंचता है, जबकि राहुल गांधी की पिछले दस सालों की आय केवल 11 करोड़ रुपये रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि उनकी विदेश यात्राओं का खर्च आखिर कौन उठाता है?
#WATCH दिल्ली: भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा, "राहुल गांधी लगभग 22 वर्षों से निर्वाचित पद पर हैं। इन वर्षों में वे कई बार विदेश गए। आधिकारिक तौर पर उनकी 54 विदेश यात्राएं बनती हैं… ये दौरे सार्वजनिक हैं लेकिन इनकी फंडिंग सार्वजनिक नहीं है… उनकी हर विदेश यात्रा में करीब 3-4… pic.twitter.com/1oHCZV7YlK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 14, 2026
हर यात्रा में साथ रहे लोग
पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी की हर विदेश यात्रा में 3 से 4 लोग उनके साथ गए हैं. उन्होंने कहा कि इन यात्राओं का खर्च उनकी घोषित आय से कहीं ज्यादा है. यही वजह है कि बीजेपी लगातार यह सवाल कर रही है कि इन दौरों की फंडिंग का स्रोत क्या है.
किन देशों में गए राहुल गांधी?
बीजेपी नेता ने बताया कि सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार राहुल गांधी ने इटली, इंग्लैंड, अमेरिका, जर्मनी, वियतनाम, सिंगापुर, बहरीन, मालदीव, कतर और UAE जैसे देशों की यात्राएं की हैं. इन यात्राओं की जानकारी प्रेस नोट्स, संसदीय रिकॉर्ड और तस्वीरों के जरिए उपलब्ध है, लेकिन खर्च का विवरण सार्वजनिक नहीं है.
फंडिंग पर बड़ा सवाल
पात्रा ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का खर्च निजी तौर पर किया गया, सरकार ने वहन किया या किसी विदेशी संस्था ने. अगर विदेशी फंडिंग हुई है तो FCRA कानून लागू होता है, और अगर निजी फंडिंग है तो इसे आयकर कानूनों के तहत घोषित करना जरूरी है.
पीएम मोदी की अपील और राहुल का विरोध
बीजेपी के आरोप ऐसे समय में आए हैं जब राहुल गांधी ने पीएम मोदी की हालिया सात अपीलों की आलोचना की थी. पीएम ने लोगों से ईंधन बचाने, एक साल तक विदेश यात्रा से परहेज करने, स्वदेशी उत्पाद अपनाने और सोने की खरीद रोकने जैसी अपीलें की थीं. राहुल ने इन अपीलों को सरकार की नाकामी बताया और कहा कि यह जनता को उपदेश देने का तरीका है, जबकि असल में यह शासन की कमजोरियों को उजागर करता है.
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कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार 12 साल के शासन के बाद अब लोगों को यह बताने लगी है कि उन्हें क्या खरीदना चाहिए और कहां जाना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि यह जनता को जिम्मेदारी सौंपने का तरीका है, जबकि असल जिम्मेदारी सरकार की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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