Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

मां, बेटा और अध्यक्ष… तीनों नदारद: स्वतंत्रता दिवस पर भी निशाने पर आई कांग्रेस, क्यों नहीं पहुंचे राहुल-खड़गे?

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के समारोह में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए. बीजेपी ने इसे वंदे मातरम का अपमान और अहंकार बताया, तो पवन खेड़ा ने करारा पलटवार किया है.

Rahul Gandhi Red Fort Mallikarjun Kharge Independence Day

देशभर में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया. इस भव्य समारोह में सरकार के तमाम बड़े मंत्री और अधिकारी मौजूद थे, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उन दो कुर्सियों की हो रही है जो खाली पड़ी थीं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस राष्ट्रीय पर्व से गायब रहे. विपक्ष पर शीर्ष नेताओं की इस गैर-मौजूदगी ने देश की सियासत में एक नया ‘महा-संग्राम’ छेड़ दिया है.

‘नकली गांधी परिवार का अहंकार’

बीजेपी ने कांग्रेस के इस ‘बायकॉट’ पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “यह राहुल गांधी की अपरिपक्वता और उदंडता है. यह नकली गांधी परिवार का अहंकार है, जो राष्ट्रीय पर्व को भी दलगत राजनीति से ऊपर नहीं रख पाते.” वहीं, बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने तो सीधे ‘वंदे मातरम’ का मुद्दा उछाल दिया. उन्होंने X पर लिखा, “मां-बेटा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरा वंदे मातरम गाए जाने से परेशान लग रहे हैं… इनकी सोच समाज को बांटने वाली है और राहुल LoP पद के लायक नहीं हैं.” बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने भी इस गैर-मौजूदगी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

कांग्रेस का पलटवार

बीजेपी के इन तीखे हमलों का कांग्रेस ने भी उसी आक्रामकता से जवाब दिया है. कांग्रेस के फायरब्रांड प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बीजेपी पर करारा तंज कसते हुए कहा, “कुछ लोगों को हर चीज़ में अपमान नज़र आता है. जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई या स्वतंत्रता आंदोलन में कभी हिस्सा नहीं लिया, उन्हें आज इसमें अपमान नज़र आ रहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर कौन नहीं गया… कमाल है भाई!”

ये भी पढ़ें: ‘2047 तक भारत बनेगा सुपरपावर, पीएम मोदी का लाल किले से शंखनाद…!’ जानें क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’?

लाल किले पर मौजूद थे तमाम दिग्गज

गौरतलब है कि लाल किले के इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्या कांत, NSA अजीत डोभाल और चुनाव आयुक्त जैसे तमाम दिग्गज मौजूद थे. राहुल गांधी साल 2024 के समारोह में नजर आए थे, लेकिन पिछले साल (2025) और इस साल (2026) उन्होंने लाल किले से दूरी बनाए रखी है. फिलहाल, स्वतंत्रता दिवस के पावन मौके पर यह खाली कुर्सी देश की सियासत में एक नया तूफान लेकर आ गई है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital