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India AI Impact Summit 2026: रेलटेल ने समावेशी स्वास्थ्य सेवा के लिए एआई आधारित समाधानों पर दो महत्वपूर्ण सत्रों का किया सफल आयोजन

भारत मंडपम में आयोजित समिट में रेलटेल ने एआई-सक्षम स्वास्थ्य प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित किया. चर्चा के केंद्र में रोग निगरानी, शीघ्र निदान और दूरस्थ क्षेत्रों में समावेशी चिकित्सा वितरण जैसे महत्वपूर्ण विषय रहे, जो ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को मजबूती प्रदान करते हैं.

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Edited by Radha Priya

India AI Impact Summit 2026: रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली नवरत्न सीपीएसई (CPSE), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने भारत मंडपम में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्वास्थ्य सेवा पर दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाओं का सफलतापूर्वक आयोजन और संचालन किया.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और इंडियाएआई (IndiaAI) मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस मेगा समिट में भारत और विश्व भर के नीति निर्माता, प्रौद्योगिकी नेता, स्वास्थ्य सेवा पेशेवर, शोधकर्ता और नवोन्मेषक एक साथ आए.

स्वास्थ्य सेवा के लिए रेलटेल का सहयोगात्मक मॉडल

रेलटेल द्वारा आयोजित पहले सत्र का शीर्षक “एआई द्वारा संचालित सार्वजनिक स्वास्थ्य: भारत और उससे आगे के लिए एआई-सक्षम समावेशी स्वास्थ्य सेवा हेतु रेलटेल का सहयोगात्मक मॉडल” था. इस पैनल चर्चा में सरकारी संस्थानों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, अनुसंधान संगठनों और प्रौद्योगिकी भागीदारों को शामिल करने वाले सहयोगात्मक मॉडलों के महत्व पर बल दिया गया.

चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को उजागर किया:

रोग निगरानी: एआई के माध्यम से बीमारियों की निगरानी को और मजबूत बनाना.

शीघ्र निदान: गंभीर बीमारियों का शुरुआती स्तर पर पता लगाने के लिए तकनीक का उपयोग.

समानता का उत्प्रेरक: पैनलिस्टों ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को इस तरह तैनात किया जाना चाहिए कि यह स्वास्थ्य सेवा संबंधी कमियों को दूर करे और असमानताओं को कम करने में मदद करे.

समावेशी और सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा पर जोर

दूसरा सत्र “समावेशी, सुलभ और सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा हेतु एआई” विषय पर केंद्रित रहा. इस सत्र में विशेषज्ञों ने एआई-आधारित स्वास्थ्य समाधानों को वंचित और दूरस्थ आबादी तक पहुँचाने पर विशेष ज़ोर दिया. चर्चा में उभरकर आए मुख्य सुझाव इस प्रकार थे:

रोगी-केंद्रित नीतियां: विशेषज्ञों ने कहा कि स्वास्थ्य नवाचार केवल लाभ से प्रेरित नहीं होने चाहिए, बल्कि सरकारी नीतियां रोगी के हित को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए.

बुनियादी ढांचा और चुनौतियां: दूरस्थ क्षेत्रों में कम बैंडविड्थ और जमीनी हकीकतों के अनुरूप व्यावहारिक तैनाती की चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया.

स्वास्थ्य साक्षरता: एआई के प्रति भ्रम दूर करने के लिए आम जनता की स्वास्थ्य साक्षरता में सुधार को आवश्यक बताया गया.

रेलटेल के सीएमडी का वक्तव्य

शिखर सम्मेलन के दौरान रेलटेल के सीएमडी संजय कुमार ने कहा, “हम मीत्य (MeitY) और इंडिया एआई मिशन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमें इन पैनल चर्चाओं के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी. यह शिखर सम्मेलन इस बात पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मूल्यवान मंच रहा कि एआई कैसे समावेशी स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा दे सकती है.”

उन्होंने आगे कहा, “रेलटेल खुद को एक सुरक्षित, विस्तार योग्य और लचीले डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण में एक प्रमुख सहायक के रूप में देखता है जो एआई-संचालित सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना सकता है.”

डिजिटल परिवर्तन में रेलटेल की भूमिका

इन सत्रों में मिली अंतर्दृष्टि ने एआई की क्षमता को वास्तविक दुनिया में कार्यान्वयन के लिए व्यावहारिक रणनीतियों में बदलने में मदद की. रेलटेल की यह भागीदारी भारत के डिजिटल परिवर्तन और सुरक्षित आईसीटी (ICT) अवसंरचना के माध्यम से अगली पीढ़ी की सार्वजनिक सेवा प्रदान करने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है.

अपने राष्ट्रव्यापी ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और व्यापक अनुभव के साथ, रेलटेल स्वास्थ्य सेवा, शासन और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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