Urdu Conclave 2026

रायसीना डायलॉग 2026: क्या भारत बनेगा ‘ग्लोबल साउथ’ का लीडर? जानें दिल्ली से दुनिया को पीएम मोदी का संदेश

रायसीना डायलॉग 2026: पीएम मोदी ने उद्घाटन सत्र में लिया हिस्सा, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने ग्लोबल साउथ और भारत की बढ़ती भूमिका पर दिया जोर. जानें इस साल की थीम ‘संस्कार’ के मायने.

PM Modi Raisina Dialogue

दुनिया भर की निगाहें इस समय नई दिल्ली पर टिकी हैं, जहां भू-राजनीति (Geopolitics) और भू-अर्थशास्त्र (Geo-economics) के सबसे बड़े मंच ‘रायसीना डायलॉग 2026’ का 11वां संस्करण शुरू हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य आयोजन का उद्घाटन किया, जिसमें फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. भारत की मेजबानी में हो रहा यह तीन दिवसीय सम्मेलन (5-7 मार्च) इस बात का प्रमाण है कि आज भारत वैश्विक चर्चाओं के केंद्र में है.

अलेक्जेंडर स्टब का ज्ञानवर्धक भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयोजन के पहले दिन की झलक साझा करते हुए अपने आधिकारिक हैंडल पर लिखा, “#RaisinaDialogue2026 के उद्घाटन सत्र में भाग लिया.

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब का ज्ञानवर्धक भाषण सुना, जिसमें उन्होंने कई विषयों को शामिल किया.”

बदलती दुनिया, नया भारत और ‘संस्कार’ की थीम

इस साल रायसीना डायलॉग की थीम “संस्कार: असर्शन, एकमोडेशन, एडवांसमेंट” (Samskara: Assertion, Accommodation, Advancement) रखी गई है. यह थीम दर्शाती है कि कैसे दुनिया आज संप्रभुता, बदलते गठबंधनों और तकनीकी बदलावों के बीच अपना रास्ता तलाश रही है. प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करते हुए फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि आज वैश्विक शक्ति संतुलन शिफ्ट हो रहा है और ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की भूमिका भविष्य की विश्व व्यवस्था को तय करने में निर्णायक होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस बदलाव में सबसे महत्वपूर्ण कारक साबित होने वाला है.

तकनीक और कूटनीति का संगम

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में एआई (AI), सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा हुई. राष्ट्रपति स्टब ने अपने संबोधन में ‘वैल्यू-बेस्ड रियलिज्म’ पर जोर दिया और कहा कि भारत हजारों सालों से इसी नीति का पालन कर रहा है. उन्होंने सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की वकालत करते हुए कहा कि आज की वास्तविकताओं को देखते हुए वैश्विक मंचों पर आवाजों का संतुलन होना जरूरी है.

क्यों खास है यह संवाद?

रायसीना डायलॉग केवल नेताओं के बीच की बातचीत नहीं है, बल्कि यह वह मंच है जहां 110 देशों के नीति-निर्माता, सैन्य कमांडर, बिजनेस लीडर और तकनीकी विशेषज्ञ एक साथ आते हैं. इस बार के आयोजन में 2,700 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं. जलवायु परिवर्तन से लेकर समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक शुल्कों (Tariffs) तक, इस तीन दिवसीय आयोजन में ऐसे विषयों पर मंथन होगा जो न केवल भारत, बल्कि पूरी मानवता के कल को प्रभावित करेंगे.

ये भी पढ़ें: खेती-किसानी के लिए ‘मास्टरप्लान’: पीएम मोदी आज वेबिनार के जरिए जारी करेंगे कृषि विकास का ब्लू प्रिंट

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read