Rajasthan School news
Rajasthan School: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है. आरोप है कि एक सरकारी स्कूल में महज 500 रुपये गायब होने के बाद कुछ छात्राओं की कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई. घटना की जानकारी जैसे ही छात्राओं ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को दी, पूरे गांव में आक्रोश फैल गया. नाराज अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की.
500 रुपये के लिए छात्राओं पर जताया शक
यह मामला गंगापुर सिटी उपखंड के बामनवास क्षेत्र स्थित लिवाली गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, स्कूल की एक अध्यापिका के 500 रुपये किसी कक्षा में कहीं गुम हो गए. काफी तलाश करने के बावजूद जब पैसे नहीं मिले तो संदेह की सुई कक्षा 9 और 11 की छात्राओं की ओर घूम गई.
आरोप है कि इसके बाद छात्राओं को एक कमरे में ले जाकर उनकी तलाशी ली गई. छात्राओं का कहना है कि तलाशी के दौरान उनसे कपड़े उतरवाए गए ताकि पैसे ढूंढे जा सकें. इस पूरी घटना से छात्राएं मानसिक रूप से बेहद आहत हो गईं और खुद को अपमानित महसूस करने लगीं.
गांव में दिखा आक्रोश
स्कूल से लौटने के बाद छात्राओं ने अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई. यह सुनते ही परिजन भड़क उठे और बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए. देखते ही देखते गांव के अन्य लोग भी वहां जमा हो गए. लोगों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताते हुए स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया.
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई. इसके बाद बामनवास की कार्यवाहक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रतिभा मीणा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने छात्राओं और अभिभावकों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली और छात्राओं के बयान भी दर्ज किए.
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की घटना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती. उन्होंने संबंधित अध्यापिकाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की. काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी भेजी गई.
शिक्षा विभाग ने उठाए सख्त कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई की. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लिवाली में कार्यरत वरिष्ठ अध्यापिका (हिंदी) सरस्वती मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, राजाखेड़ा (धौलपुर) निर्धारित किया गया है. नियमों के अनुसार उन्हें निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा. इसके अलावा व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को सेवा प्रदाता कंपनी के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है.
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विभागीय जांच भी शुरू
संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, भरतपुर दलवीर सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), माध्यमिक सवाई माधोपुर की रिपोर्ट के आधार पर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अध्यापिका के खिलाफ मिली गंभीर शिकायतों को देखते हुए राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है. अब विभागीय जांच में यह तय होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या जिम्मेदारी थी. वहीं, ग्रामीण और अभिभावक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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