Rajnandgaon News: नेमिष अग्रवाल/राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के बाद जन्मे नवजात शिशु को अवैध रूप से एक दंपति को सौंप दिया गया. हद तो तब हो गई जब उस दंपति ने अस्पताल और नगर निगम में गलत जानकारी देकर खुद को बच्चे का असली माता-पिता बताकर जन्म प्रमाण पत्र भी बनवा लिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपति और दुष्कर्म के आरोपी नाबालिग लड़के को गिरफ्तार कर लिया है.
फर्जीवाड़े का ऐसे हुआ भंडाफोड़ (Rajnandgaon Police Action)
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि पीड़िता की मां ने चौकी चिचोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही एक नाबालिग लड़के ने उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई. लोकलाज के डर से परिवार ने पुलिस को सूचना नहीं दी.
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8 सितंबर 2025 को शहर के ‘कृष्णा हॉस्पिटल’ में लड़की की डिलीवरी कराई गई. इसके बाद नवजात को एक जरूरतमंद दंपति को दे दिया गया. उस दंपति ने बच्चे को ‘कुमुद मोहबे मेमोरियल अस्पताल’ में भर्ती कराया और वहां खुद को माता-पिता बताया. इसी आधार पर नगर निगम से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी बनवा लिया गया.
डॉक्टरों पर लटकी तलवार (Rajnandgaon Hospital Negligence)
इस मामले में अस्पतालों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. नियम के अनुसार, किसी नाबालिग के गर्भवती होने की सूचना पुलिस को देना अनिवार्य है, लेकिन डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना देने के बजाय गुपचुप डिलीवरी करा दी. पुलिस ने आरोपी दंपति के पास से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और नोटरी शपथ पत्र जब्त कर लिया है. बच्चे को बाल विकास समिति को सौंप दिया गया है. पुलिस का कहना है कि जांच में अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की लापरवाही साबित होने पर उन पर भी गाज गिर सकती है.
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